देश के कई प्रदेशों में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने के बाद प्रदेश सरकार चौकन्ना हो गई है। कोरोना के नए वायरस के मरीज भी सामने आ रहे हैं। इसे देखते हुए जिले में अब कोरोना से संक्रमित दस प्रतिशत मरीजों का जीनोम सिक्वेंसिंग कराने का निर्णय लिया गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीपी सिंह कल्याणी ने बताया कि शासन के निर्देश पर अब कोरोना संक्रमित मरीजों में से दस प्रतिशत मरीजों का नियमित जीनोम सिक्वेंसिंग कराया जाएगा। इससे पता चल जाएगा कि वायरस कहां से आया है। कुछ महीने पहले अलीगढ़ शहर के एक युवक में यूके का स्ट्रेन मिला था। युवक विदेश से आया था। हालांकि युवक को किसी तरह की विशेष परेशानी नहीं हुई। स्वास्थ्य विभाग ने पिछले कुछ महीनों में छह लोगों का जीनोम सिक्वेंसिंग कराया है। एक युवक को छोड़कर अन्य मरीजों की रिपोर्ट सामान्य थी। बता दें कि जनपद में अब तक 11443 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं।
अब कोवाक्सिन की शीशी में दस डोज
अलीगढ़। अब कोवाक्सिन की शीशी में बीस के बदले दस डोज होगा। इससे टीका की बर्बादी रोकने में मदद मिलेगी।
जेएन मेडिकल कॉलेज का उदाहरण सामने है। सोमवार को टीकाकरण के दौरान चार लोग ही टीका लगाने पहुंचे। इसकी वजह से 16 डोज की बर्बादी हुईं। पहले भी जेएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन से स्वास्थ्य विभाग जवाब -तलब कर चुका है। सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी ने बताया कि आने वाले दिनों में बीस के बदले दस डोज की शीशी आएगी।