कोख में बेटियों की कत्लगाह के रूप में पूरे एनसीआर में अलीगढ़ बदनाम हो रहा है। एक शिकायत के बाद मंगलवार को हरियाणा के फरीदाबाद से वहां के स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने रामघाट रोड पीएसी के पास बिजली घर के सामने स्थित केसी सिंघल नर्सिंग होम पर छापामार कार्रवाई की और दोनों अल्ट्रासाउंड मशीनों को सील कर दिया।
टीम ने इससे पहले एक गर्भवती महिला को डमी बनाकर भेजा था। लिंग परीक्षण करने की पुष्टि होते ही टीम ने छापा मार दिया और मशीनों सहित सभी दस्तावेज जब्त कर दिए गए हैं। अब नर्सिंग होम संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के लिए कहा जाएगा।
सीएमओ डॉ. रूपेंद्र गोयल ने बताया कि मंगलवार की देर शाम हरियाणा के फरीदाबाद के डिप्टी सीएमओ डॉ. संजीव भगत के नेतृत्व में डॉ. गजराज सिंह, एसएमओ स्टोर डॉ. कर्ण सिंह गोदरा, एक इंस्पेक्टर, दो कांस्टेबल, साढ़े चार महीने की गर्भवती लक्ष्मीना पत्नी हरकेश की टीम अलीगढ़ आ गयी।
पहले से ही तय प्लानिंग के अनुसार लक्ष्मीना को टीम के सदस्य पंकज के साथ केसी सिंघल नर्सिंग में भेजा गया। वहां पर लक्ष्मीना ने गर्भस्थ शिशु की जांच की पेशकश की और पांच हजार रुपये में सौदा तय हो गया। लक्ष्मीना को गर्भ की जांच कर परिणाम बता दिया गया। लक्ष्मीना ने दो-दो हजार के तीन नोट दिए।
एक हजार रुपये उसे वापस कर दिए गए। इसी के साथ टीम ने छापा मार दिया और वह दो-दो हजार रुपये के तीन नोट नर्सिंग होम से बरामद कर लिए। लिंग परीक्षण की पुष्टि होते ही वहां पर मौजूद दोनों अल्ट्रासाउंड मशीनों को सीज कर दिया गया। टीम ने वहां पर परीक्षण से संबंधित सभी दस्तावेज आदि को भी अपने कब्जे में ले लिया है।
इस दौरान नर्सिंग होम की डॉ. सविता सिंघल ने आरोपों को निराधार बताते हुए पूरी कार्रवाई को गैर जरूरी बताया।
लेकिन टीम अपना काम करती रही। स्थानीय प्रशासन की ओर से जिलाधिकारी राजमणि यादव ने डिप्टी कलेक्टर राजेश कुमार के नेतृत्व में सीएमओ डॉ. रूपेंद्र गोयल, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ, वैद्यनाथ झा व अन्य स्टाफ को छापामारी में लगाया था। टीम अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप देगी।
टीम ने माना शहर में और भी हैं बेटियों की कत्लगाह
बेटियों की कत्लगाह बने शहर में कुछ दिनों के अतंराल पर लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। कुछ दिन पहले दुबे के पड़ाव पर एक नर्सिंग होम में इसी तरह लिंग परीक्षण को छापा मारकर पकड़ा गया था।
टीम के साथ आए कुछ लोगों ने बताया कि एनसीआर में सख्ती होने के चलते वहां पर यह काम नहीं हो रहा है, लेकिन वहां पर यह बात बेहद प्रचलित है कि अलीगढ़ और आसपास के छोटे शहरों में यह काम बेहद आसानी से हो रहा है।
इस प्रकार की मौखिक शिकायतें तो अक्सर ही मिलती हैं। जब लिखित और ठोस शिकायत मिली तो हमने कार्रवाई की। टीम के मुताबिक इतना तो तय है कि यह केवल एक नर्सिंग होम नहीं है जो यह काम कर रहा है। यहां पर कुछ और छोटे बड़े नर्सिंग होम और हैं जो लिंग परीक्षण के घृणित कार्य में लगे हुए हैं।
अब सभा मौखिक और लिखित शिकायतों का एक डाटा तैयार कर गोपनीय रूप से एक टीम इन सभी की जांच में लगायी जाएगी। साथ ही इस संबंध में यूपी के मुख्यमंत्री सचिवालय स्तर से भी पत्राचार किया जाएगा।
हमसे तो गर्भपात की बात कही थी: डॉ. सविता
केसी नर्सिंग होम की डॉ. सविता सिंघल कहती हैं कि लिंग परीक्षण की बात गलत है। हमने यह किया ही नहीं। हमसे तो महिला गर्भपात कराने के लिए मिली थी। हमने जांच की और पाया कि गर्भ साढ़े चार महीने का है।
जबकि गर्भपात ढाई महीने तक ही संभव हो सकता है। हम यह चेक ही कर रहे थे कि टीम ने छापा मार दिया।