अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में भाषा विभाग के निदेशक प्रोफेसर एमजे वारसी बताते हैं कि सोशल मीडिया ने विरोध की भाषा को छोटा और दृश्यात्मक बना दिया है। हिंदी और अंग्रेजी के मिश्रण वाले स्लैंग जेन-जी की नई भाषा है। यह अब महानगरों तक सीमित नहीं है बल्कि छोटे शहरों और कस्बों में भी धड़ल्ले से उपयोग हो रहे हैं। मीम के जरिये कठिन विषयों पर भी युवा अपनी बात आसानी से लोगों तक पहुंचा सकते हैं।
हर पीढ़ी बोलचाल में अपनी छाप छोड़ती है
प्रोफेसर पितबास प्रधान का कहना है कि मीडिया और संचार का स्वरूप लगातार बदल रहा है। पहले नारे और भाषण मुख्य माध्यम होते थे। जेन जी वही भावनाएं फिल्मी डायलॉग, मीम और स्लैंग के जरिये व्यक्त कर रहे हैं। यह भाषा उनके लिए सहज और आत्मीय है। हिंदी में अंग्रेजी स्लैंग का मिश्रण भी भाषा के स्वाभाविक विकास का ही हिस्सा है। हर पीढ़ी अपनी बोलचाल में अपने समय की छाप छोड़ती है। आगे चलकर मीम की भाषा राजनीतिक संवाद का अहम हिस्सा बन सकती है। क्योंकि, इसमें कम शब्दों में बात तेजी से लोगों तक पहुंचा सकते हैं।
ये वन लाइनर, स्लैंग हो रहे वायरल
- ऑल इज नॉट वेल
- जल्दी इस्तीफा दे सुबह पनवेल निकलना है
- हे माधव एवरी वन इज अगेंस्ट मी...तो इस्तीफा दे दे
- रेजिम इज सो नारसिस्ट, इट मेक्स माय एक्स लुक्स लाइक ग्रीन फ्लैग
- रात को फीफा, सुबह इस्तीफा
- गाड़ी में पेट्रोल डलवाकर मंदिर गया था जिससे पेपर अच्छा हो
- पेपर लीक हो गया, मंदिर में चढ़ाया हुआ पैसा चोरी हो गया और ई-20 पेट्रोल से गाड़ी खराब हो गई
जेन-जी की डिक्शनरी
| अंग्रेजी शब्द |
हिंदी शब्द |
| पीओवी |
मेरा नजरिया |
| क्रिंज |
अटपटा या शर्मनाक |
| डिलुलू |
हकीकत से दूर सोच |
| ब्रो |
दोस्त, अनौपचारिक संबोधन |
| औरा |
प्रभाव या व्यक्तित्व की छवि |
| मेन कैरेक्टर एनर्जी |
खुद को कहानी का मुख्य किरदार मानने वाला आत्मविश्वास |
| कुक्ड |
मुश्किल या खराब स्थिति |