वर्ष कक्षा पांच में उत्तीर्ण बेटियां उच्च प्राथमिक स्कूल गई छात्राएं
2025-26 83 15
2024-25 98 5
2023-24 99 10
2022-23 102 11
26-27 के पंजीकरण अभी जारी हैं।
प्राथमिक विद्यालय रोरावर को उच्चीकृत करेगा शिक्षा विभाग
बेसिक शिक्षा विभाग प्राथमिक विद्यालय रोरावर को उच्च प्राथमिक विद्यालय में उच्चीकृत करेगा। विद्यालय में 466 बच्चे पंजीकृत हैं। 10 कमरे, चार शिक्षक और 10 शिक्षिकाएं हैं। बीएसए आलोक कुमार सिंह ने बताया कि विद्यालय को उच्चीकृत करने का प्रस्ताव शासन को भेजेंगे। उच्चीकृत होने के बाद कक्षा छह, सात और आठ की कक्षाओं का संचालन हो सकेगा। हालांकि, प्राथमिक विद्यालय और उच्च प्राथमिक विद्यालय के बीच तीन किलोमीटर की दूरी होने पर ही उच्च प्राथमिक विद्यालय बन सकता है। रोरावर और शाहपुर कुतुब के बीच ढाई किलोमीटर की दूरी है। उधर, रोरावर के प्रधानाध्यापक सलमान अहमद ने कहा कि विद्यालय में जगह है इसलिए यह उच्चीकृत हो जाएगा। इसके लिए विभाग में अनुरोध करेंगे।
पढ़ाई छूटने पर शुरू हो जाती है शादी की तैयारी
कक्षा पांच उत्तीर्ण करने के बाद पढ़ाई छूटने के बाद बेटियों को घर के कामकाज की जिम्मेदारी सौंप दी जाती है। समय के साथ परिजन उनके विवाह की तैयारी शुरू कर देते हैं। शादी होते ही आगे की पढ़ाई के सपने परिवार की जिम्मेदारी के तल दबकर सपने ही रह जाते हैं।
अर्शी बचपन से शिक्षक बनने का सपना देखती थीं। कक्षा पांच तक पढ़ाई के बाद आगे पढ़ना चाहती थीं लेकिन स्कूल दूर और सुनसान रास्तों पर है। इसलिए पढ़ाई छूट गई। कुछ वर्षों बाद उनकी शादी हो गई। आज भी उन्हें अधूरी शिक्षा का मलाल है। तस्लीम पढ़ाई में अच्छी थीं और आगे बढ़ना चाहती थीं लेकिन कोई नजदीकी सरकारी स्कूल का विकल्प नहीं था। पढ़ाई छूटने के बाद उनका विवाह कर दिया गया।
चांदनी डॉक्टर बनने का सपना देखती थीं। कक्षा पांच के बाद स्कूल न होने के कारण उनकी पढ़ाई रुक गई। समय के साथ उनका सपना भी अधूरा रह गया। उज्मा पुलिस बनना चाहती हैं लेकिन अब प्राइवेट की पढ़ाई कर रही है।फराह भी उन बेटियों में शामिल हैं जिनकी पढ़ाई कक्षा पांच के बाद रुक गई। हालांकि आज वे चाहती हैं कि आने वाली पीढ़ी की बेटियों को उनकी तरह मजबूर न होना पड़े।