दीपावली पर होने वाली आतिशबाजी को जीएसटी ने पूरी तरह अपनी गिरफ्त में ले लिया है। नुमाइश मैदान में लगने वाले बाजार में टेंट से लेकर बिजली और पार्किंग तक जीएसटी की जद में है। आतिशबाजी बेचने वाले लाइसेंसधारियों को बुधवार से दुकानों का आवंटन शुरू हो जाएगा।
आज से नुमाइश मैदान में आतिशबाजी की दुकान लगना शुरू हो जाएगा। टिनशेड नुमा दुकानें बनने लगेंगी। इस बार कृषि बाजार, शिल्प ग्राम, फव्वारा, बारहद्वारी, हुल्लड़ बाजार, केवल बाजार, नानवाई बाजार और सुरमा बाजार आदि के नाम से नौ स्थानों पर आतिशबाजी की बिक्री होगी।
आतिशबाजी, दुकान, बिजली, पार्किंग सभी पर 18-18 प्रतिशत जीएसटी लगाया गया है। हालांकि दिल्ली में आतिशबाजी पर प्रतिबंध से आतिशबाजी की बिक्री करने वाले व्यापारियों को कमाई की उम्मीद है, लेकिन दिल्ली प्रशासन ने कोर्ट के आदेश का पालन कराने में थोड़ी सी भी ढिलाई बरती, तो उनके अरमानों पर पानी फिर सकता है। प्रशासन द्वारा पूर्ण प्रतिबंध के बाद भी यदि किसी ने अपनी दुकान पर चाइनीज आतिशबाजी बेची, तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल व आतिशबाजी बाजार के अध्यक्ष प्रदीप गंगा ने बताया कि नुमाइश मैदान में लगने वाली दुकानों के बीच में टिन का पार्टीशन रहेगा। बाजार इस तरह से लगाया जाएगा कि यदि कोई हादसा होता है तो लोगों को भागने में परेशानी न हो। शिल्पग्राम और फव्वारा बाजार को छोड़कर सभी बाजारों में एक ओर दुकान लगाई जाएगी।
- आतिशबाजी पर 18 प्रतिशत जीएसटी
- दुकान का किराया 1300 रुपये और 18 प्रतिशत जीएसटी मिलाकर करीब 1540 रुपये
- बिजली 650 रुपये और 18 प्रतिशत जीएसटी मिलाकर 750 रुपये के करीब
पिछले सात बिकी थी चार करोड़ की आतिशबाजी
पिछली दीपावली पर नुमाइश मैदान में व्यापारियों ने करीब चार करोड़ रुपये की आतिशबाजी बेची थी। इस बार यह आंकड़ा और ऊपर जाने की उम्मीद है। इसके पीछे दिल्ली में आतिशबाजी पर प्रतिबंध बताया जा रहा है। पार्किंग ठेके पर साइकिल के पांच रुपये, बाइक के 10 रुपये और कार के 20 रुपये लिए जाएंगे।