धर्मांतरण के मामले में आरोपी उमर गौतम और आदित्य उर्फ अब्दुल्ला का मामला प्रकाश में आने के बाद अलीगढ़ में भी एटीएस लगातार जानकारी करने में जुटी हुई है। दो दिन पहले अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के माली नवीन से पूछताछ की गई थी। अब योजना बनाई जा रही है कि नवीन को कानपुर ले जाकर उसका आमना-सामना आदित्य उर्फ अब्दुल्ला से कराया जा सकता है। यह भी संभव है कि अब्दुल्ला उर्फ आदित्य को अलीगढ़ लाया जाए और यहां पर उसका आमना-सामना नवीन से कराया जाए। इसके बाद ही साफ हो पाएगा कि आरोपियों ने वास्तव में नवीन का धर्मांतरण कराया था या नहीं।
इधर, एटीएस उमर गौतम के अलीगढ़ में संपर्क सूत्र की तलाश में जुटी हुई है। उमर गौतम से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। वह अलीगढ़ में किन लोगों के संपर्क में था? वह कौन कौन सी संस्थाएं थीं, जो अलीगढ़ में उमर गौतम को आमंत्रित करती थीं? उन संस्थाओं के पदाधिकारी कौन हैं? इन संस्थाओं के पास पैसा कहां से आता है? इन सभी पर खुफिया एजेंसी और एटीएस की निगाहें लगी हुई हैं।
दो महिलाओं की भूमिका को लेकर खुफिया एजेंसियां अलर्ट
धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर खुफिया एजेंसी दो महिलाओं की भी तलाश कर रही हैं। दो महिलाएं घर-घर जाकर मानसिकता को प्रभावित करने का कार्य करती थी। इन महिलाओं के संबंध में कहा जा रहा है कि वह महिला होने का फायदा उठाते हुए घरों में आसानी से प्रवेश कर जाती थी और धार्मिक मुद्दों पर बात किया करती थीं। बातचीत के बाद आसानी से पता लगा लिया करती थीं कि कौन परिवार उनके जाल में फंस सकता है। एटीएस और खुफिया एजेंसी इनका सुराग तलाशने में भी जुटी हुई है।
भाजपा कार्यकर्ता मूक बधिर लोगों का विवरण जुटाने में जुटे
मूकबधिर लोगों का धर्मांतरण कराए जाने का मामला प्रकाश में आने के बाद भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता भी सतर्क हो गए हैं। अलीगढ़ में वह ऐसे मूक बघिर लोगों को चिन्हित कर रहे हैं, जिनसे धर्मांतरण कराने वाले लोगों ने संपर्क किया था। ऐसे मूक बधिर लोगों के माध्यम से यह जानकारी करने का प्रयास किया जा रहा है कि कितने समय पहले संपर्क किया गया था? वह लोग कौन थे, जिन्होंने संपर्क किया था। यह भी संभव है कि वह लोग उमर गौतम के संपर्क के रहे हों। इन सबको लेकर विवरण जुटाया जा रहा है।