गजब है भाई...। छह माह बीत गए। 17 से 25 अक्तूबर के बीच अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं हो गईं लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को किताबें नहीं मिलीं। यह किताबें बीआरसी के गोदाम में डंप हैं लेकिन बच्चे पढ़ नहीं पाए। बगैर पढ़े परीक्षा में बच्चों ने परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों के कितने सही जवाब लिखे होंगे यह सच तो बेसिक शिक्षा विभाग के अध्यापक ही जानते हैं।
अकेले गंगीरी विकास खंड क्षेत्र में प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्कूलों में आधे से अधिक विषयों की किताबों का वितरण अब तक नहीं हुआ, जबकि अप्रैल में ही शिक्षा सत्र शुरू हो गया था। कुछ विषय की किताबों का आंशिक वितरण ही किया गया।
शासन का आदेश था कि 25 अक्तूबर से पहले ही स्कूलों में सभी विषयों की किताबों का शत प्रतिशत वितरण हो जाना चाहिए। यह भी हैरत करने वाली बात है कि 25 अक्तूबर तक छमाही परीक्षाएं ही समाप्त हो गईं और किताबें छमाही परीक्षाओं की समाप्ति के अंतिम दिन तक वितरण का आदेश है, लेकिन वह भी नहीं हुआ।
- दीपावली के पहले ही किताबें आईं इसलिए वितरण नहीं कराया जा सका। अब जल्द ही किताबों का वितरण कराया जाएगा। बची हुई किताबें जैसे आएंगी उनका भी वितरण कराया जाएगा।
- धीरेंद्र कुमार, बीएसए
गंगीरी ब्लाक में एक नजर...
- 182 प्राथमिक स्कूल
- 178 पूर्व माध्यमिक स्कूल
- प्राथमिक में छात्र करीब 25 हजार
- पूर्व माध्यमिक में छात्र करीब 6 हजार
- प्राथमिक में विषय 05
- पूर्व माध्यमिक मेें विषय 12
- अब तक वितरण महज आंशिक