Sent to jail protesting in Tehsil Day
- फोटो : amar Ujala
भले ही तहसील दिवस समस्या समाधान के लिए है लेकिन समस्या बताते वक्त उत्तेजित न हों। अफसरों के सामने समस्या निस्तारण न होने पर नारेबाजी न करें। जी हां, यही सच है। बुधवार को तहसील दिवस में एक ग्राम प्रधान पुत्र ने समस्याओं पर ग्रामीणों के साथ डीएम मुर्दाबाद का नारा लगाया तो डीएम के आदेश पर उसे पुलिस ने जेल भेज दिया। आरोप शांति भंग का लगाया गया है।
डीएम राजमणि यादव ने प्रधान पुत्र के साथ पहुंचे ग्रामीणों को हिदायत दी कि समस्या धीमी आवाज में बताएं। शोर न मचाएं। आइंदा शोर किया तो वह भी जेल जाएंगे।
दरअसल ग्राम पंचायत महगौरा की ग्राम प्रधान गायत्री देवी का पुत्र योेगेंद्र ग्रामीणों को साथ लेकर तहसील दिवस में पहुंचा था। राशनकार्ड, मनरेगा, चिकित्सा सुविधाएं, रोडवेज बस न रुकने आदि की समस्याओं पर नारेबाजी करने लगा।
एडीएम उठकर पास पहुंचे लेकिन नारेबाजी बंद न हुई। इस पर डीएम नाराज हो गए। बोले- कौन है? पकड़कर जेल भेजो। डीएम का आदेश मिलते ही पुलिस ने प्रधान पुत्र को दबोच लिया। ग्रामीणों को हिदायत के साथ छोड़ा गया।
- महगौरा गांव के कुछ महिला, पुरुषों को साथ लेकर प्रधान पुत्र तहसील दिवस में आया था। एक ही प्रार्थनापत्र पर कई विभागों की समस्याएं थी जिस पर अलग अलग विभागों की समस्याओं का अलग अलग प्रार्थनापत्र लेकर आने को कहा था ताकि सभी विभागों को भेजकर जांच कराई जा सके, लेकिन वह महिला, पुरुषों को आगे कर डीएम मुर्दाबाद के नारे लगाने लगा। इस पर शांति भंग की कार्रवाई की गई है। ग्रामीणों से बात की तो उन्होंने बताया कि प्रधान पुत्र बहकाकर लाया था। सभी विभागों में गांव की समस्या पर जांच करा ली है। जलनिगम की बची है। समस्याएं दूर करा दी जाएंगी।
-राजमणि यादव, डीएम, अलीगढ़