लोधा के गांव मूसेपुर के शहीद दलवीर सिंह के परिजनों को सांत्वना और मदद देने पहुंचे सरकारी अफसरों से एक बड़ी चूक हो गई है, जिसकी लीपापोती की जा रही है। उत्तर प्रदेश के गृह विभाग के नए आदेश के अनुसार प्रदेश में रहने वाले सेना के जवान के शहीद होने पर उसके आश्रितों को 25 लाख रुपये की मदद दी जाएगी। इसके साथ ही एक आश्रित परिजन को सरकारी नौकरी दी जाती है।
पुराने आदेश के अनुसार पहले यह रकम 20 लाख और एक आश्रित परिजन को सरकारी नौकरी मिलती थी। अलीगढ़ में शहीद दलवीर के परिजनों को सोमवार को उसके अंतिम संस्कार के मौके पर 20 लाख रुपये की मदद का पत्र दिया गया, जिसमें 15 लाख रुपये पत्नी पिंकी देवी के नाम और 5 लाख रुपये माता रूपवती व पिता भूपेंद्र सिंह को दिए जाने का जिक्रहै। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने कहा है कि शहीद के परिजनों को नये आदेशों के अनुसार 25 लाख रुपये की मदद दी जाएगी। गौर हो कि किसी बाबू की इस गलती से प्रशासन की साख को भी क्षति पहुंची है, वहीं आला अधिकारियों ने भी इसका गंभीर संज्ञान लिया है।
सीएम के ट्विटर अकाउंट में 25 लाख की मदद का जिक्र
शहीद दलवीर सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने ट्विटर अकाउंट से अपनी संवेदना व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था कि इस दुख की घड़ी में वह दलवीर के परिजनों के साथ हैं। इस संवेदना में सीएम ने 25 लाख रुपये की मदद और एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने का जिक्र किया है। इसके स्क्रीन शाट मौजूद हैं।
2014 को पुराना शासनादेश था
इस पूरे प्रकरण में एक प्रशिक्षु अधिकारी का कहना था कि यह बड़ी चूक है और क्षमा करने योग्य नहीं है। दरअसल 20 लाख रुपये की मदद का सरकारी आदेश वर्ष 2014 का है, जिसको बाद में संशोधित कर 25 लाख रुपये का कर दिया गया है।