गभाना के कदौली-कोमला में गोशाला के लिए जमीन का निरीक्षण करते डीएम।
आवारा पशुओं से फसलों को होने वाला नुकसान और किसानों की बड़ी टेंशन जल्द दूर होगी। क्षेत्र के गांव कदौली व कोमला के बीच करीब 500 बीघे खाली पड़ी चारागाह की जमीन पर गोशाला बनने पर मुहर लग गई है।
सोमवार को डीएम हृषिकेश भास्कर याशोद ने पशुपालन विभाग, वन विभाग व राजस्व अधिकारियों के साथ इस जमीन का निरीक्षण किया। गोशाला निर्माण के कार्य को जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए।
‘अमर उजाला’ ने आवारा पशुओं से फसलों को हो रहे नुकसान और गोशाला निर्माण की मांग को लेकर सीरीज में खबरें प्रकाशित की थीं। विधायक दलवीर सिंह ने इन खबरों को संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री से मिलकर कदौली-कोमला में चारागाह की जमीन पर गोशाला बनवाने की मांग रखी थी। इस पर जिला प्रशासन ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया था, जिसे शासन से मंजूरी मिल गई है।
चारागाह की जमीन तहसील प्रशासन ने अवैध कब्जेदारों से मुक्त करा दी। चारागाह में गायों के लिए दो शेड, दो तालाब, गोदाम, स्टाफ, दो गेट, मेड़बंदी भी कराई जाएगी। कहा जा रहा है कि इस गोशाला में एक हजार गायें रह सकेंगी। यह गोशाला बनने से क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत होगी। इस दौरान तहसीलदार कौशल कुमार, ग्राम प्रधान संजय सिंह चौहान आदि मौजूद थे।