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आसमान से बरसी आग, हीट स्ट्रोक से पांच बेहोश

Wed, 18 May 2016 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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हीट स्ट्रोक - फोटो : महीपाल ‌सिंह
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मंगलवार को आसमान से दिनभर आग बरसती रही। अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रहा। सड़कों का तारकोल पिघलने लगा और दोपहर में खुले में दो कदम भी चलना मुश्किल हो गया।
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गर्मी के कारण जाम से जूझने वाले मुख्य मार्गों पर भी सन्नाटा पसरा रहा। हीट स्ट्रोक से बेहोश हुए पांच लोगों को मलखान सिंह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें दो धनीपुर के, एक एटा चुंगी, एक दाउद खां और एक व्यक्ति जलालपुर का था।
तेज धूप और गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक से पीड़ित सरकारी अस्पतालों के साथ निजी क्लीनिकों में भी मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। मलखान सिंह जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. यतींद्र कुमार भारद्वाज ने बताया कि हीट स्ट्रोक से बेहोश हुए सभी को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। साथ ही गर्मी में क्या सावधानियां बरतनी चाहिए, यह भी बताया गया। सीएमएस के मुताबिक अस्पताल की ओपीडी में करीब 15 फीसदी मरीजों की शिकायत हीट स्ट्रोक से है। गर्मी के कारण बुखार, सिरदर्द, श्वांस गति तेज होना, डिहाइड्रेशन, दस्त, मितली और शरीर में ऐंठन आदि की समस्या लोगों में हो रही है।
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क्यों होती है गर्मी से समस्या, क्या कहते हैं डॉक्टर
मलखान सिंह जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. यशपाल रावल ने बताया कि मनुष्य के शरीर का तापमान 98.6 डिग्री फ ारेनहाइट या 37 डिग्री सेल्सियस होता है। बाहर का तापमान इससे अधिक होने पर शरीर का तापमान बढ़ जाता हैं। इस दौरान बुखार और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं होने लगती है। ऐसे में सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
हीट क्रैंप की होती है शिकायत
-हीट क्रैंप गर्मी में होने वाली यह सामान्य शिकायत है।
-इसमें शारीरिक गतिविधि के दौरान इस्तेमाल होने वाली मांसपेशियों जैसे पैर, भुजा, पेट या पीठ में ऐंठन होने लगती है।
-हीट क्रैंप होने पर शरीर को आराम दें और इलेक्ट्रोलाइट्स युक्त पेय पदार्थ पीएं।
-नींबू पानी, लाइम सोडा या केला, नारियल पानी, सोडियम क्लोराइड और पोटैशियम इसके अच्छे स्रोत हैं।
हीट एग्जॉक्शन
-त्वचा में ठंडक, आर्द्रता होने के साथ ही रोंगटे खड़े होना और पसीने आना हीट एग्जॉक्शन के लक्षण हैं।
-थकान या कमजोरी, सिरदर्द, बेहोशी, चक्कर-मितली और धड़कन बढ़ जाती है, लेकिन नब्ज धीमी चलती है।
-हीट एग्जॉक्शन में देखभाल और इलाज की जरूरत होती है। ऐसे व्यक्ति को शरीर सामान्य होने पर पेय पदार्थ लेने चाहिए।
-इससे पीड़ित व्यक्ति को स्पष्ट रंगों के पेय जैसे पानी, फ लों का रस, नारियल पानी या बिना कैफ ीन की चाय पीना चाहिए।
-भूख लगने पर फ लों या सब्जियों आदि का सेवन करें, ताकि इनके जरिये पानी शरीर में पहुंच सके। जैसे तरबूज, आम या खीरा आदि।
-केला भी पोटेशियम का अच्छा स्रोत है, जो शरीर की क्रियाओं के लिए जरूरी तत्व है।
हीट स्ट्रोक
-हीट स्ट्रोक में शरीर कूल डाउन या सामान्य होने की कोशिश में नाकाम रहता है।
-शरीर का तापमान 104 डिग्री फॉरेनहाइट या 40 डिग्री सेंटीग्रेड से अधिक हो जाए तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
-हीट स्ट्रोक में प्रभावित व्यक्ति के अंदर ठीक से बोल या सोच पाने की स्थिति में न होना, चिड़चिड़ापन, तेज धड़कन, तेज और गहरी सांसें, सिरदर्द, बेहोशी, चक्कर-मितली के लक्षण हो सकते हैं।
खान-पान पर रखें नियंत्रण
-गर्मी से बचने के लिए लोगों को मौसमी फ लों के सेवन के साथ ही खान-पान पर नियंत्रण रखना चाहिए।
-गर्मियों में आने वाले फ लों में पानी की मात्रा काफ ी होती है, इसलिए इनका सेवन करना चाहिए।
-तरबूज, खरबूज, खीरा आदि को नियमित लेने से शरीर में पानी के साथ खनिज-लवणों की भी पूर्ति होती है।
-गर्मी में सामान्य खाना जैसे दाल, चावल, सब्जी, रोटी आदि खाना ठीक रहता है।
-गर्मी में भूख से थोड़ा कम खाना चाहिए। इससे आपका हाजमा भी ठीक रहेगा और फुर्ती बनी रहेगी।
-इसके साथ तली हुई चीजों को ज्यादा न खाएं, हाजमा बिगड़ सकता हैं।
पानी का सेवन करें, तली,भुनी चीजों से बचें
-गर्मियों में शरीर का अधिकांश पानी पसीने के रूप में शरीर से बाहर निकल जाता है। इसलिए दिन में कम से कम 4 लीटर पानी पिएं।
- गर्मी में नारियल पानी, छाछ और लस्सी पीने से भी जल का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।
- इसके अलावा खाने में बहुत ज्यादा नमक न लें। दही और छाछ लेना चाहिए।
- नमकीन, मूंगफ ली, तले हुए पापड़, चिप्स और खाद्य पदार्थ न ही खाएं तो बेहतर होगा।
गर्मी से बचने के लिए ये करें उपाय
- मरीज के शरीर को ठंडा रखने के लिए बर्फ  की पट्टियां रखें और यदि मरीज होश में है तो तापमान कम करने के लिए तुरंत नहलाएं।
-कमरे में पंखा, कूलर या एसी जो भी हो उसे चालू करें। नाड़ी और तापमान हर आधे घंटे में देखते रहें।
- मरीज को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए ग्लूकोज, नमक या ओआरएस का घोल लगातार देते रहें।
- लू से बचाव के लिए घर से खाली पेट न निकलें। ताजा खाना खाएं।
- आम और पुदीना का पना, छाछ, नींबू की शिकंजी और प्याज का अधिक से अधिक उपयोग करें।
नहीं आई बिजली
 मंगलवार को भी शहर के पुराने हिस्से में लोगों को बिजली संकट झेलना होगा। बारहद्वारी बिजली घर के अवर अभियंता आरके यादव ने बताया कि बारहद्वारी बिजली घर से निकलने वाले नगर निगम पुरानी चुंगी फीडर पर सुबह 11 बजे से शाम छह बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। इसके चलते उदय सिंह जैन रोड, घुड़िया बाग, महावीर गंज, मंडी रामगंज, पत्थर बजार का कुछ हिस्सा, सराय हकीम, क्लाट गंज, बारहद्वारी आदि इलाकों में लोगों को परेशानी रहेगी। इसके साथ ही जमालपुर बिजली घर से जुड़े इलाके में मंगलवार और बुधवार को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली नहीं रहेगी। विद्युत नगरीय वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता पी अग्रवाल ने बताया कि लोगों से अपील है कि वह अपने आवश्यक काम समय रहते ही निपटा लें।
गर्मी में चिकिन पॉक्स से बच्चे परेशान
सरकारी अस्पतालों के साथ ही निजी डाक्टरों के क्लीनिक पर भी मरीजों की भीड़ लगी रही। गर्मी के कारण त्वचा पर रेशेज, चकत्ते पड़ना और चिकिन पाक्स होने के मामले सामने आ रहे हैं। बच्चे इसका ज्यादा शिकार हो रहे हैं। वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप बंसल कहते हैं कि इस समय तापमान बेहद ज्यादा है। बच्चों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने दें। अगर कहीं जाना है तो शाम को या सुबह ही जाएं। जितना संभव हो बच्चों को घर में ही बने हुए तरल पदार्थ दें।
दही, सत्तू, शर्बत, शिकंजी आदि बच्चों के लिए फायदे मंद हैं। डॉ. बंसल कहते हैं कि गर्मी में चिकिन पॉक्स होने पर बच्चे को अन्य बच्चों से अलग घर में आराम करने दें। उसे घर में बना दलिया, सूप, तरल पदार्थ दें। बिना डाक्टर की सलाह के कोई भी दवा न दें। साफ सफाई का बेहद ध्यान रखें। इसमें सबसे ज्यादा महत्पूर्ण आराम और सफाई है। कुछ लोग यह मानते हैं कि चिकिन पाक्स होने पर बच्चे को नहलाना नहीं चाहिए। यह सही नहीं है। बच्चे को सामान्य पानी से नहलाएं। इससे उसे फायदा ही होगा।
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