घर की रसोई से लेकर परिवार के भविष्य तक आर्थिक संतुलन बनाने वाली महिलाएं अब केवल बचत ही नहीं, बल्कि समझदारी भरे निवेश के जरिए अपनी आर्थिक ताकत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती हैं।
इसी मकसद को पूरा करने के लिए अमर उजाला ने रामघाट रोड स्थित होटल ऑर्चिड ब्लू में स्त्री शक्ति समृद्धि कार्यक्रम का आयोजन किया। केनरा रोबेको म्युचुअल फंड के जोनल सेल्स हेड- सेल्स यूपी एंड उत्तराखंड के उपाध्यक्ष धीरज डीन ने महिलाओं को वित्तीय सशक्तीकरण और स्मार्ट निवेश के गुर सिखाए गए।
धीरज डीन ने सरल और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से महिलाओं को निवेश की बारीकियां समझाईं। उन्होंने कहा कि महिलाओं में स्वाभाविक रूप से बचत की आदत होती है और यही आदत उनकी सबसे बड़ी आर्थिक पूंजी है।
इस बचत को योजनाबद्ध तरीके से निवेश में लगाया जाए तो यह भविष्य की मजबूत आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का आधार बन सकती है। निवेश की शुरुआत बड़ी रकम से नहीं, बल्कि मात्र 100 रुपये प्रतिमाह जैसी छोटी राशि से भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि नियमित निवेश, धैर्य और दीर्घकालिक सोच आर्थिक समृद्धि का सबसे प्रभावी सूत्र है।
मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव साक्षी गर्ग ने बताया कि बचत को सही दिशा मिले तो हर महिला बन सकती है आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बदलते दौर में केवल बचत करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस बचत को योजनाबद्ध तरीके से निवेश करना समय की आवश्यकता बन गया है। निवेश न केवल धन को सुरक्षित रखता है, बल्कि उसे बढ़ाकर भविष्य की आर्थिक चुनौतियों का सामना करने की क्षमता भी देता है।
जनसंपर्क विभाग एएमयू की एमआईसी प्रो. विभा शर्मा ने कहा कि आज की महिला केवल घर का बजट संभालने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह अपने परिवार के आर्थिक भविष्य की योजनाकार भी बन रही है। ऐसे में निवेश की जानकारी और समझ उसे और अधिक सशक्त बनाती है।
निवेश का उद्देश्य केवल अधिक कमाई नहीं, बल्कि जीवन के हर पड़ाव के लिए आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। संचालन ज्योति ने किया। इस मौके पर केनरा रोबेको म्युचुअल फंड के वरिष्ठ प्रबंधक सुधीर माथुर आदि मौजूद रहे।
इनका हुआ सम्मान
डॉ. दिव्या लहरी, पूजा सोमानी, डॉ. इंदु सिंह, खुशी गुप्ता, नेहा वार्ष्णेय, अवंतिका शर्मा, गरिमा वार्ष्णेय, गिरिजेश गुप्ता, दिव्या शर्मा, पल्लवी यादव, सान्वी सपरिया, कृष्णा गुप्ता, गीतिका सिंह, दीप्ति, रश्मि शर्मा, पिंकी दिवाकर, कल्पना सिंह, गुलशन बानो।
स्मार्ट निवेश के मंत्र
- 100 रुपये प्रतिमाह से भी एसआईपी शुरू की जा सकती है।
- हर महीने तय राशि निवेश करने से लंबी अवधि में बेहतर परिणाम मिलते हैं।
- बैंक खाते में पैसा रखने के बजाय योजनाबद्ध निवेश करें।
- म्यूचुअल फंड में निवेश से पहले अपनी जरूरत और क्षमता का आकलन करें।
- परिवार की महिलाओं को स्वयं वित्तीय निर्णय लेने के लिए जागरूक होना चाहिए।
पूछे ये सवाल
-म्यूचुअल फंड में कितना जोखिम होता है?
-न्यूनतम निवेश राशि कितनी हो सकती है?
-सुरक्षित और बेहतर रिटर्न वाले विकल्प कौन-कौन से हैं?
-लंबी अवधि के निवेश के क्या फायदे हैं?
-एसआईपी और एकमुश्त निवेश में क्या अंतर है?
- आज तक बचत तो करती थी, लेकिन निवेश को लेकर हमेशा संकोच रहता था। इस कार्यक्रम ने समझाया कि छोटी रकम से भी भविष्य को सुरक्षित बनाया जा सकता है।
-दीप्ति
महिलाएं घर का बजट अच्छी तरह संभालती हैं। अगर उन्हें निवेश की सही जानकारी मिल जाए तो वह परिवार की आर्थिक मजबूती में और बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।
- डॉ. इंदु सिंह
पहली बार म्यूचुअल फंड और एसआईपी को इतनी सरल भाषा में समझने का अवसर मिला। अब मुझे महसूस हो रहा है कि आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए निवेश की जानकारी जरूरी है।
-दिव्या
हम अक्सर बचत तो करते हैं, लेकिन पैसा कहां और कैसे निवेश करना है, इसकी जानकारी नहीं होती। इस कार्यक्रम ने कई भ्रांतियां दूर कर दीं और आत्मविश्वास बढ़ाया।
-हुसना बानो
100 रुपये से भी निवेश शुरू किया जा सकता है, यह जानकर आश्चर्य हुआ। इससे यह संदेश मिला कि आर्थिक सशक्तीकरण के लिए बड़ी आय नहीं, बल्कि सही सोच और नियमितता जरूरी है।
-सोनी शर्मा
कार्यक्रम ने हमें यह एहसास कराया कि महिलाएं केवल बचतकर्ता ही नहीं, बल्कि बेहतर निवेशक भी बन सकती हैं। अब हम अपने और अपने परिवार के भविष्य की योजनाएं अधिक आत्मविश्वास के साथ बना पाएंगे।
-गरिमा वार्ष्णेय