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शेयर ट्रेडिंग के नाम पर हुई ठगी: इंडोनेशिया से लौटी शिक्षिका से हैकरों ने ठगे 52.50 लाख, मुकदमा दर्ज

Sat, 18 Jan 2025 02:04 PM IST
चमन शर्मा अभिषेक शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़

सार

महिला शिक्षिका को इंस्टाग्राम पर एक लिंक मिला, जिसमें शेयर निवेश संबंधी कुछ लुभावने ऑफर थे। उनके मन में नौकरी छोड़ने पर मिले फंड को निवेश कर मुनाफे का विचार बना। लिंक के जरिये वे एक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ गईं, फिर शुरू हुआ ठगी का खेल...
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शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इंडोनेशिया से लौटी शिक्षिका संग शेयर ट्रेडिंग के नाम पर हैकरों ने 52.50 लाख रुपये की ठगी की है। सारसौल इलाके की महिला शिक्षिका ने निवेश और मुनाफे की खातिर रकम लगा दी, जब उन्हें ठगी का अहसास हुआ तो दंग रह गईं। फिलहाल साइबर थाने में इस ठगी के संबंध में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।

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सारसौल इलाके की महिला शिक्षिका पिछले आठ वर्ष से इंडोनेशिया में रहकर नौकरी कर रही थीं। कुछ माह पहले वे वहां नौकरी छोड़कर घर आ गईं और मायके में रहकर नई नौकरी की तलाश में लग गईं। इसी बीच इन्हें अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में इंस्टाग्राम पर एक लिंक मिला, जिसमें शेयर निवेश संबंधी कुछ लुभावने ऑफर थे। उनके मन में नौकरी छोड़ने पर मिले फंड को निवेश कर मुनाफे का विचार बना। लिंक के जरिये वे एक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ गईं। एन-99 सौम्या विजडम वेल्थ वीआईपी एक्सपीरीयंस नाम के इस ग्रुप में उन्हें शेयर में निवेश के लुभावने ऑफर दिए जाने लगे।

साथ में उस ग्रुप में जुड़े लोगों को हो रहे मुनाफे के विषय में बताया गया। बताया गया कि हाल ही में कुछ आईपीओ लाॅन्च होने वाले हैं, उनमें निवेश करने पर अच्छा मुनाफा होगा। उन्होंने कारोबार जगत की खबरों में भी उन आईपीओ के विषय में पढ़ा तो वे उनके झांसे में आ गईं। उन्होंने पहले तो 31 दिसंबर को पचास हजार रुपये पंजीकरण के नाम पर ऑनलाइन जमा कराए। फिर दस लाख रुपये रिचार्ज के नाम पर ऑनलाइन दिए। इसके बाद दो बार में 23 व 19 लाख रुपये जमा कराए। उसी ग्रुप में उन्हें 98 लाख रुपये का मुनाफा होना दिखाया गया। 

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जब उन्होंने अपनी मुनाफे की रकम मांगी तो उन्हें यह कहा गया कि आप पहले चालीस फीसदी कर के रुपये जमा कराओ, तब मुनाफा मिलेगा। इसका जिक्र उन्होंने परिवार में किया, तब उन्हें खुद के साथ 52.50 लाख की ठगी का अहसास हुआ। इस तरह उनके विदेशी नौकरी के फंड की रकम ठगी में चली गई। बाद में उन्होंने साइबर पोर्टल पर शिकायत की। इसके बाद बृहस्पतिवार को साइबर थाने में अज्ञात हैकरों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
इस तरह की ठगी को लेकर लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है। फिर भी लोग झांसे या उनकी बातों में फंसकर ठग जा रहे हैं। ऐसे मामलों में लगातार मुकदमे व रकम वापसी पर टीमें काम कर रही हैं।-संजीव सुमन, एसएसपी
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36 से अधिक खातों में होल्ड हुए डेढ़ लाख रुपये

इस मामले में साइबर पोर्टल पर हुई शिकायत के बाद साइबर टीम ने जांच शुरू की। जिसमें पहले चार खातों की जांच में पता चला कि मनी ट्रेल में कुल 36 खातों में पैसा भेजा गया। इसमें से पुलिस ने डेढ़ लाख रुपये होल्ड कराए हैं। बाकी टीम आगे रकम कहां तक गई है, टीम इसकी जांच में जुटी है।

इस ठगी के ये हैं छह चरण
1-शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को व्हाट्सएप ग्रुप में निवेश एकेडमी और टीचर्स सर्विस टीम से जोड़ते हैं।
2-ग्रुप में लिंक भेजकर लोगों से शेयर ट्रेडिंग एप डाउनलोड करवाते हैं, जो खुद ठग गैंग द्वारा बनाया गया है।
3-शेयर ट्रेडिंग एप पर निवेशक का रजिस्ट्रेशन कराते हैं और उसके नाम पर रकम भी ली जाती है।
4-झांसे में आए निवेशक से अलग अलग चालू बैंक खातों में शुरुआत में कम रकम जमा कराई जाती है।
5-एप में मुनाफे की रकम बढ़ती देख निवेशक खुश होता है और फिर मोटी रकम लगाने में फंस जाता है।
6-निवेशक जब रकम वापस मांगता है तो कर के नाम पर रकम जमा कराने का दबाव बनाते हैं, तभी वह समझता है।

विदेश में बैठे इस ठगी के मास्टर माइंड
शेयर ट्रेडिंग मेंं मुनाफे के नाम पर साइबर ठगी इन दिनों चलन में है। यहां के साइबर थाने में अब तक सबसे ज्यादा मुकदमे इसी ठगी के दर्ज हुए हैं। इन अपराध में अब तक जो भी खुलासे हुए हैं या पुलिस किसी नतीजे पर पहुंची है तो उसमें इतना ही पता चल सका है कि जिसके खाते में रकम गई, वह एक से दो फीसदी कमीशन पर काम कर रहा था। उसे सिर्फ अपना खाता किराये पर देना था। ठगी की रकम उसके खाते में आई और कुछ ही देर में आगे अन्य खातों में ट्रांसफर हो गई। यह रकम किराये के इस खाते में आती लाखों में है। मगर विदेश में बैठे लोग उसे छोटे छोटे टुकड़ों में आगे ट्रांसफर करते हैं। तीसरी-चौथी लेयर में ट्रांसफर होने के बाद यह रकम विदेश में एटीएम के जरिये या ऑनलाइन खरीद के जरिये निकाल ली जाती है। अब तक अलीगढ़ सहित अलग अलग जिलों में हुए खुलासे में ये हैकिंग दुबई, कंबोडिया आदि मुल्कों से बैठकर हो रही है।
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