फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कछू नाय है रयो: यह बोलते ही पाकिस्तान में धर लिया गया अलीगढ़ का बादल, लड़की ने बुलाया, किया शादी से इंकार

Sat, 18 Jan 2025 12:24 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

सना और उसकी मां ने बादल को पाकिस्तान बुलाया। इसके बाद बादल बाबू 15 अक्तूबर 2024 को किसी तरह बॉर्डर पार करके पाकिस्तान पहुंच गया। कुछ दिन उसके घर पर रहने के बाद लड़की और उसकी मां ने शादी से इंकार कर दिया।
विज्ञापन
बादल बाबू, पाकिस्तान की सना रानी, पाकिस्तान के हाजी खां असगर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

फेसबुकिया प्यार में बरला से 15 अक्टूबर 2024 को पाकिस्तान पहुंचा बादल बाबू प्रेमिका द्वारा शादी से इन्कार के बाद वहां नौकरी करने लगा था। सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था। परिवार से मोबाइल पर भी बात हुई। मगर अपने मालिक के यहां बकरी चराने के दौरान जंगल में लोगों से बातचीत करते समय उस पर कुछ लोगों को शक हुआ। उसकी भाषा कछू नाय है रयो... जैसे वाक्यों के चलते उस पर शक गहराया और बात पुलिस तक पहुंची। तब वह 27 दिसंबर 2024 को पकड़ा गया। अब उसके भविष्य पर फैसला 24 जनवरी को न्यायालय में पेशी के बाद होगा। 

विज्ञापन


इस विषय में खुद परिवार ने जानकारी देते हुए बताया कि बादल बाबू की करीब ढाई वर्ष पहले पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मंडी बहाउद्दीन की विलावल कॉलोनी निवासी सना रानी नाम की लड़की से फेसबुक पर दोस्ती हुई थी। इसके बाद दोस्ती प्यार में बदल गई। दोनों के बीच फेसबुक पर खूब बातें होती थीं। सना और उसकी मां ने बादल को पाकिस्तान बुलाया। इसके बाद बादल बाबू 15 अक्तूबर 2024 को किसी तरह बॉर्डर पार करके पाकिस्तान पहुंच गया। 

पाकिस्तान की सना रानी ने बादल से शादी के लिए किया इंकार

कुछ दिन उसके घर पर रहने के बाद लड़की और उसकी मां ने शादी से इंकार कर दिया। परिजनों के अनुसार इससे बादल परेशान हो गया। जेब में पैसा न होने से खाने तक के लाले पड़ गए। ऐसे में सना के घर से दूर वह काम मांगने हाजी खां असगर की हवेली पर पहुंचा। उन्होंने बादल को काम पर रख लिया। हाजी खां असगर के अनुसार बादल बाबू मीट नहीं खाता था, शुद्ध भोजन करता था। उन्हें नहीं पता था कि वह भारत के राज्य यूपी का रहने वाला है। 30 अक्तूबर को उसने पाकिस्तान में एक व्यक्ति से मोबाइल मांगकर अपने पिता को फोन किया और मां से भी बात की। तब भी उसने परिजनों को खुद के पाकिस्तान नहीं दुबई होने की बात कही। 

हाजी खां असगर ने उसे बकरी चराने के काम पर लगा दिया। रोज वह खेतों की तरफ जाता उसकी लोगों से बातचीत होने लगी। उससे कोई पूछता कि क्या हो रहा है तो वह कछू नाय है रयो... इस तरह की ठेठ देशी भाषा में जबाव देता था। एक व्यक्ति को जब उस पर शक हुआ तो मंडी बहाउद्दीन के सदर थाने में पहुंचकर उसने एसएचओ अंजुम शहजाद से शिकायत की कि एक युवक हाजी खां असगर की हवेली में रह रहा है, उसकी भाषा और बातचीत शक के दायरे में है। 

ऐसे पाकिस्तान में पकड़ा गया बादल बाबू

एसएचओ ने बीट इंचार्ज को जांच के लिए वहां भेजा तो बादल बाबू ने बता दिया कि वह भारत के उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का रहने वाला है। एसएचओ ने इसके बाद बादल को थाने बुलवा लिया और वहां के एक पत्रकार शहजाद मलिक को बुलाया। उनसे कहा कि इसके बारे में भारत से पता लगाओ। शहजाद ने दिल्ली में एक पत्रकार को फोन किया और उनके जरिए बादल बाबू की पूरी जानकारी हुई। 

एसएचओ ने बादल बाबू से पासपोर्ट, बीजा आदि दिखाने को कहा तो वह कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। इस पर उसके खिलाफ पाकिस्तान विदेश अधिनियम की धारा में रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने 14 दिन की रिमांड पर रखने के बाद उसे 10 जनवरी को न्यायालय में पेश किया। जहां से पूछताछ के लिए उसे 14 दिन की उच्च जांच एजेंसी के हवाले किया गया। कोर्ट ने 14 दिन में पुलिस को चार्जशीट दाखिल करने का आदेश दिया है। अब उच्च एजेंसी उसे 24 जनवरी को न्यायालय में पेश करेगी। 
विज्ञापन

बादल बाबू के रिहाई की परिजनों को हैं उम्मीद

परिजनों ने अपना पक्ष रखने के लिए वहां अधिवक्ता नियुक्त कर लिया और बादल बाबू के सभी दस्तावेज ईमेल के जरिए भेज दिए हैं। हालांकि बादल बाबू की रिहाई के लिए अभी काफी लंबी लड़ाई लड़नी होगी। यह तो 24 जनवरी को ही पता चलेगा कि पकिस्तान कोर्ट उसे रिहा करता है या सजा देता है। पिता कृपाल सिंह को उसकी रिहाई की उम्मीद है। परिवार के लोग दिल्ली में पकिस्तान व भारतीय दूतावास के अधिकारियों के भी लगातार संपर्क में हैं। बादल के पिता कृपाल सिंह ने दूतावास के अधिकारियों को पत्र लिखकर कहा है कि उनका बेटा बादल बाबू पाकिस्तान खुद नहीं गया, बल्कि फेसबुक दोस्त के बुलावे पर पाकिस्तान गया था। फेसबुक दोस्त ने भी दोस्ती की बात स्वीकार कर ली है। भारत सरकार इसमें हस्तक्षेप कर बादल बाबू को पाकिस्तान से रिहा कराए।
बादल के विषय में अभी तक पाकिस्तान में हुई कार्रवाई के बारे में कोई जानकारी नहीं मांगी गई है। परिजनों का संपर्क भारतीय व पाकिस्तान दूतावास के अधिकारियों से सीधे बना हुआ है। अगर बादल के बारे में कोई जानकारी मांगी जाएगी तो उसे तत्काल उपलब्ध कराया जाएगा।- योगेंद्र मलिक, सीओ एलआईयू
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें