मिड डे मील बांटने वाली एनजीओ ग्रामीण विकास सेवा संस्थान के आसाराम बापू कालोनी रामघाट रोड स्थित गोदाम में 62 बोरा चावल कम होने के मामले में एनजीओ संचालक का बयान सवालों के घेरे में है। बकौल संचालक ये चावल मीड डे मील बांटने के लिए भेजा गया था, जबकि हकीकत में पहली जुलाई तक सभी स्कूलों में बच्चे पहुंचे ही नहीं है ता फिर इससे पहले किन बच्चों को मीड डे मील दिया गया। इस गोदाम में एसडीएम कोल के छापे के दौरान संचालक ने जो बयान दिया था, उससे बड़े घपले की आशंका है। ये संस्था शहरी क्षेत्र में कक्षा आठ तक के सरकारी स्कूलों में मीड डे मील बांटती है। सवाल उठ रहा है कि जब सभी सरकारी स्कूल सोमवार से खुले हैं तो आखिर संचालक ने मिड डे मील किसे खिला दिया। एसडीएम कोल ने इस मामले में एनजीओ संचालक को सोमवार को नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण तलब कर लिया है।
शनिवार को एसडीएम कोल ने शहरी क्षेत्र में कक्षा आठ तक के सरकारी स्कूलों में मिड डे मील बांटने वाली एनजीओ ग्रामीण विकास सेवा संस्थान के आसाराम बापू कालोनी रामघाट रोड स्थित गोदाम व देवी नगला स्थित रसोई पर छापा मारा था। इस दौरान 62 बोरा चावल गायब मिला। पता चला कि 21 जून को संस्था को 342 कट्टा चावल मिड डे मील के लिए पीसीएफ गोदाम से मिले थे। इस 342 बोरे में से 62 बोरा कम मिलने पर पूछताछ हुई। इस पर संचालक ने बताया कि दस बोरा चावल 24 जून से खुले सरकारी स्कूल में मिड डे मील बांटने को भेजा गया है। शेष 52 बोरा चावल जनवरी व फरवरी माह में सप्लाई न मिलने और बाहर से लिए गए उधार को चुकता करने में भेजा गया है। गौर हो कि डीएम के आदेश पर स्कूल वास्तव में 25 जून से खुले जरूर थे, लेकिन रंगाई पुताई, सफाई समेत अन्य कामों के लिए। विद्यार्थी तो सोमवार पहली जुलाई से ही स्कूल आए हैं। एसडीएम कोल रंजीत सिंह ने बताया कि संचालक से इन्हीं सवालों के जवाब मांगे गए हैं। उसे सोमवार को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब देने को कहा गया है।
पहले ही दिन बांट दिए केले
बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूल जैसे ही एक जुलाई को खुले, वैसे ही मिड डे मील में गड़बड़ियां शुरू हो गई हैं। शहर में अधिकांश स्कूलों में केले बांटे गए। जबकि कई विद्यालयों में तहरी बांटकर ही काम चलाया गया। इस संबंध में बीएसए ने बताया कि जानकारी कर रहे हैं। रिपोर्ट मंगाई जा रही है। एमडीएम में गड़बड़ी किसी हालत में नहीं चलेगी। स्पष्टीकरण तलब कर कार्यवाही की जाएगी।