अलीगढ़ में तालानगरी के सेक्टर दो स्थित लोहा गलाने वाली मनकामेश्वर फर्नेस फैक्टरी में हुए हादसे में झुलसे एक और मजदूर की 27 मई को मौत हो गई। हादसे में मृतकों की अब संख्या चार हो गई। वहीं, इस मामले में डीएम द्वारा गठित एडीएम सिटी की अगुवाई वाली जांच समिति ने रिपोर्ट डीएम को सौंप दी। जिसमें फैक्टरी प्रबंधन व सहायक निदेशक कारखाना को दोषी करार दिया है। जिसके आधार पर कारखाना अधिनियम के मानकों को पूरा करने तक फैक्टरी बंद करने की संस्तुति की गई है। अब इस जांच रिपोर्ट पर डीएम स्तर से मंगलवार को कार्रवाई संबंधी निर्णय लिया जाएगा।
शहर के प्रमुख उद्योगपति दुर्गाबाड़ी निवासी बाबूलाल जैन की ताला नगरी सेक्टर दो प्लॉट नंबर 266 पर मनकामेश्वर स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड यूनिट-द्वितीय के नाम से फर्नेस फैक्टरी है। जिसमें कबाड़ का लोहा गलाकर इंगट यानि लोहे की सिल्ली बनाई जाती हैं। शुक्रवार शाम करीब 6:35 बजे भट्ठी लगे बॉयलर में गलाने के लिए स्क्रैप डाला गया था।
इसी दौरान विस्फोट के साथ वहां आग लग गई। हादसे में जलने से मेल्टर सुभाष चौहान, हेल्पर सतीश की मौके पर ही मौत हो गई। हेल्पर हरि सिंह की देर रात अस्पताल में मौत हो गई। चार अन्य जख्मी मजदूर मुकेश उर्फ कालीचरण व धर्मेंद्र का सफदरजंग दिल्ली में और दो का राममनोहर लोहिया में उपचार चल रहा है। जिनमें से सोमवार शाम साढ़े चार बजे 50 वर्षीय मुकेश निवासी क्वार्सी की भी मौत हो गई। मुकेश के परिजन पहले से ही दिल्ली में हैं।
इधर, कस्बा हरदुआगंज स्थित ससुराल से भी इस सूचना पर परिजन दिल्ली रवाना हो गए। वह अपने पीछे पत्नी बीना के अलावा दो बेटे विशाल व सोनू और दो बेटियां निशा कुमारी व सपना कुमारी को छोड़ गया है। इनमें से विशाल विवाहित है। सूचना पर फैक्टरी मालिक ने मुकेश के परिवार को भी 20 लाख रुपये का मुआवजा देने की बात कही है। पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को मुकेश का शव यहां लाया जाएगा। एसपी देहात पलाश बंसल ने मुकेश की मौत की पुष्टि की है।