पारा 42 डिग्री के भी पार पहुंच गया था। क्या सुबह और क्या शाम। गर्मी से कहीं कोई राहत नहीं मिली। संकट सोमवार की शाम को उस वक्त और बढ़ गया जब सारसौल स्थित 132 केवी के बिजली घर में आग लग गई। भीषण आग थी, दूर तक लपटें नजर आईं। इस बड़े बिजली घर में आग लगते ही शहर के 14 बिजली घर भी बंद हो गए। इन बिजली घरों से जुड़े करीब डेढ़ लाख लोग बेचैन रहे। रात को करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका और फिर किसी तरह से शहर को बिजली दी गई।
सारसौल बिजली घर में आग लगने से 14 बिजली घरों से जुड़े बारहद्वारी, गांधी पार्क, मलखान जिला अस्पताल, एलमपुर, इंडस्ट्रियल एरिया, बरौला, खेरेश्वर, डी सेंटर, बाला-ए-किला, गूलर रोड, लाल ताल, किला रोड, घंटा घर, और रेलवे क्षेत्र में बिजली गुल हो गई। लगभग डेढ़ लाख लोग इस बिजली संकट से प्रभावित हुए। सूचना पाकर दमकल की टीम मौके पर पहुंची और किसी तरह आग पर काबू पाया।
132 केवी बिजली घर सारसौल में आग लगने से 14 बिजली घर बंद रहे। आगे पर काबू पाने और बिजली आपूर्ति सुचारू करने में लगभग एक से डेढ़ घंटा लग गया। पीए मोंगा, अधीक्षण अभियंता, नगरीय