रेलवे परिसर में मरम्मत कार्य के दौरान सोमवार को छत का कुछ हिस्सा टूटकर गिर गया। गनीमत रही कि उस समय वहां कोई नहीं था वरना बड़ा हादसा हो सकता था। जीआरपी ने चार मजदूरों को हिरासत में ले लिया। हालांकि, बाद में यूनियन के दबाव में उन्हें छोड़ दिया गया।
बारिश के चलते स्टेशन परिसर के कई कार्यालयों की छतें टपकने लगी थीं। रेलवे परिसर के एक भवन में भी छत से पानी टपकने की शिकायत सामने आई थी। सोमवार को छत की मरम्मत का कार्य कराया जा रहा था। इसी दौरान एक परिसर की छत का कुछ हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया।
सूचना पर आरपीएफ के सहायक आयुक्त सुरक्षा गुलजार सिंह, जीआरपी के प्रभारी निरीक्षक संदीप तोमर, सीएमआई संजय शुक्ला आदि पहुंच गए। जीआरपी ने काम कर रहे रेलवे के चार मजदूरों को हिरासत में ले लिया। मजूदरों को छोड़ने की मांग को लेकर काफी देर तक हंगामा चलता रहा। देर शाम उन्हें रेलवे यूनियन के दबाव में बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया गया।
इस संबंध में उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि मामले में जांच कराई जा रही है। इसमें कहीं भी लापरवाही मिलने पर या दोषी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।