गांधी नेत्र चिकित्सालय परिसर में तीन महीने से खड़ी कार। अमर उजाला
- फोटो : ईस्टर पर्व मनाते मसीही समाज के लोग।
गांधी नेत्र चिकित्सालय परिसर में तीन महीने से चार कारें खड़ी हैं। लोगों का कहना है कि चिकित्सालय परिसर में लावारिस कारों का इस तरह खड़े रहना सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मामला है। इससे मरीजों और तीमारदारों में भी इसे लेकर डर और नाराजगी है।
चिकित्सालय की ओपीडी के सामने मैदान पर तीन कारें कवर कर खड़ी हैं, जबकि मैदान से थोड़ी दूरी पर एक कार है। यह कारें किसकी हैं? इतने समय से क्यों खड़ी हैं? इसका जवाब चिकित्सालय से जुड़े लोगों के पास नहीं है। इसके अलावा चिकित्सालय परिसर में दो और चार पहिया वाहन बेतरतीब खड़े रहते हैं। प्रशासनिक अधिकारी मधुप लहरी ने बताया कि पार्किंग का ठेका नए ठेकेदार को सौंपा जा चुका है, जबकि ये कारें पुराने ठेकेदार के कार्यकाल से ही परिसर में खड़ी हैं। कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद न तो ठेकेदार ने कोई जवाब दिया न ही वाहनों को हटवाया गया। अब इन कारों के बारे में पुलिस को जानकारी दी जाएगी।