फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lakshmi Puja: दिवाली आज, श्रीगणेश लक्ष्मी के पूजन के ये हैं चार शुभ मुहूर्त

Sun, 12 Nov 2023 01:47 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

दिवाली पर लक्ष्मी पूजन के लिए पचांग के अनुसार सुबह 09:17 से दोपहर 12:03 बजे तक, दोपहर 01:24 से 02:45 बजे तक, शाम को 04:06 से 07:06 बजे तक तीन बड़े मुहुर्त हैं। इसके बाद शाम 07:35 बजे से रात 12:07 बजे तक पांच घंटे का समय मिल रहा है।
विज्ञापन
लक्ष्मी-गणेश का पूजन - फोटो : प्रतीकात्मक
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आज धूमधाम से दीपोत्सव मनाया जाएगा। सुख-समृद्धि के प्रतीक श्री गणेश और लक्ष्मी का 12 नवंबर को घरों व प्रतिष्ठानों पर पूजन होगा। दिवाली पर श्री गणेश और लक्ष्मी के पूजन के अलग अलग मुहूर्त हैं। पचांग के अनुसार सुबह 09:17 से दोपहर 12:03 बजे तक, दोपहर 01:24 से 02:45 बजे तक, शाम को 04:06 से 07:06 बजे तक तीन बड़े मुहुर्त हैं। इसके बाद शाम 07:35 बजे से रात 12:07 बजे तक पांच घंटे का समय मिल रहा है। पूरा शहर रोशनी से जगमग है, लोगों ने अपने घरों व प्रतिष्ठानों को आकर्षक तरीके से सजाया है।

विज्ञापन


ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि महालक्ष्मी पूजन कार्तिक कृष्ण पक्ष चतुर्दशी 12 नवंबर दोपहर 02:44 तक करना ज्यादा शुभ है। सूर्यास्त से पहले ही अमावस्या तिथि प्रारंभ हो रही है। स्वाति नक्षत्र मध्य रात्रि 2:50 बजे तक रहेगा। इसके बाद विशाखा नक्षत्र माना जाएगा। आयुष्मान योग शाम 4:30 बजे तक रहेगा। इसके बाद सौभाग्य योग चालू होगा। तिथि एवं वार के संयोग से लुंबक नामक योग बन रहा है। स्वाति नक्षत्र और सौभाग्य योग में अमावस्या तिथि का होना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसमें दुकानदार, व्यापारी, निजी कारोबारी, शिक्षा से जुड़े लोग, शिल्पी, चित्रकार अपने कार्य कर सकते हैं। राहु काल शाम 4:30 बजे से शाम 6:00 बजे तक रहेगा।

आठ विशेष संयोग, दीपावली होगी शुभ : पूर्णानंदपुरी
पूर्णानंदपुरी महाराज ने बताया कि लक्ष्मी-गणेश पूजा के समय कई योग बन रहे हैं। आयुष्मान, सौभाग्य और महालक्ष्मी योग है। दिवाली आठ शुभ योगों में मनाई जाएगी। दिवाली पूजा में शुक्र, बुध, चंद्रमा और गुरु की युति से गजकेसरी, हर्ष, उभयचरी, काहल और दुर्धरा आदि राजयोग बन रहे हैं। जिनमें गजकेसरी योग को बहुत ही शुभ माना जाता है। यह योग मान सम्मान का कारक होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें