एसएसपी के अनुसार जब प्रकरण की जांच शुरू हुई तो उजागर हुआ कि घटना के बाद जिस मौलवी के खिलाफ गुस्सा फूटा है। उसी से 20 अक्तूबर को विवाद हुआ था। मूल रूप से बिहार भागलपुर के मौलवी मुस्तकीम भगवानपुर के धर्मस्थल में रहकर नमाज पढ़ाते हैं। घटना वाली शाम वे पड़ोस के गांव जिरौली डोर से बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर आ रहे थे, तभी बुलाकगढ़ी में कुछ युवकों ने उनसे राम राम कर ली। आरोप है कि जवाब में उन्होंने गाली दे दी। इसी बात पर झगड़ा हुआ था। जिसमें पहले जीशांत की ओर से मौलवी पर व बाद में वीडियो वायरल होने पर मुस्तकीम की ओर से जीशांत आदि पर मुकदमा दर्ज हुआ था।
इसके अलावा एक विवाद जनवरी 2024 का भगवानपुर के राहुल से जुड़ा सामने आया। राहुल के चाचा आदि ने अपना एक मकान गांव के गुल मोहम्मद को बेच दिया था। वे उसे बेचकर बाहर चले गए। उसके बाद से राहुल पक्ष उस मकान में अपना हिस्सा बताकर गुल मोहम्मद से विवाद करते थे। उसी विवाद में दोनों पक्षों में जनवरी 2024 में पथराव व मारपीट हुई थी। जिसमें पुलिस की ओर से दोनों मुकदमों में मुकदमा दर्ज किया गया था। इन दोनों मुकदमों में दबाव बनाकर सुलह करने की गरज से जीशांत व राहुल ने मिलकर यह साजिश रची थी, जिसमें उन्होंने दिलीप, आकाश व अभिषेक को मिलाया था। यही बात आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में भी स्वीकारी है।
बर्थडे पार्टी में शराब पीकर दिया साजिश को अंजाम
एसएसपी के अनुसार राहुल-जीशांत द्वारा पंद्रह दिन पहले रची गई साजिश पर घटना वाली शाम भगवानपुर के विवेक नाम के युवक की बर्थडे पार्टी में शराब पीने के बाद चर्चा हुई। उसमें दिलीप ने शराब पी थी। तभी शराब कम पड़ने पर दिलीप सूतमिल से शराब लेने जा रहा था। तभी जीशांत ने उससे कहा कि वह सूतमिल पर स्प्रे पेंट की बोतल खरीद लाए। इसके बाद उन्होंने रात करीब 11 बजे तक शराब पी। फिर गभाना की ओर से दो बाइकों पर सवार होकर आए। पहले उन्होंने भगवानपुर में मंदिरों पर स्लोगन लिखे। फिर बुलाकगढ़ी के मंदिरों पर लिखे गए।
पुलिस जांच के अनुसार घटना के बाद सबसे पहली गलती आकाश ने की। वह नादा इलाके के एक कारखाने में काम करता था। वहां हर दिन साढ़े पांच बजे पहुंचता था। मगर रात में करीब 12 बजे इस घटना को अंजाम देने के बाद वह मारे डर के देर रात 3:45 बजे ही गांव छोड़ गया। इसके बाद कारखाने नहीं पहुंचा। चूंकि घटना में उसी की बाइक चिह्नित हुई। फिर वह गायब पाया गया तो शक गहरा गया। इसके बाद दूसरी गलती दिलीप ने की। सुबह पुलिस व अन्य किसी ग्रामीण को सूचना से पहले छह बजे करीब दिलीप ने अपने गांव के गोपाल नाम के एक युवक को फोन करके बताया कि मंदिरों पर किसी ने कुछ लिख दिया है।
वह गायब भी था। इसलिए उस पर व अन्य साथियों पर शक गहराता चला गया। तीसरी सबसे बड़ी गलती ये रही कि भगवानपुर व बुलाकढ़ी में रात को बाइक से दूरी तय करने में 5 मिनट लगते हैं। मगर दोनों गांवों में इस हरकत के बाद घूमते हुए बाइकों पर आरोपी 65 मिनट में निकले थे। ये सब सीसीटीवी में चिह्नित हुआ था। साथ में आईलव मोहम्मद की स्पेलिंग भी ठीक नहीं थी इसलिए यह माना गया कि यह काम साजिश रचकर ही हुआ है।
ऐसे पकड़े गए चारों
इस घटना के बाद आकाश तो हाथरस में जलेसर रोड के एक गांव में जाकर छिपा। वहीं जीशांत हरियाणा पहुंच गया था। वहीं दिलीप पहले गाजियाबाद में एक परिचित के जरिये होटल में ठहरा। बाद में वह मानेसर पहुंच गया। वहां पुलिस ने हिरासत में लिया। इसी तरह अभिषेक को पकड़ा गया।
पूछताछ के बाद गायब हुआ राहुल
शुरुआत में राहुल एक मात्र ऐसा आरोपी रहा जो गांव से गायब नहीं हुआ। पुलिस को जब पता चला कि रात में यह पांचों साथ थे तो राहुल को अगले दिन पूछताछ के लिए बुलाया गया। मगर पुलिस उससे कुछ उगलवा न सकी। दो बार पूछताछ के बाद भी जब कुछ नहीं मिला तो पुलिस ने उससे ध्यान हटा लिया। इसके बाद वह गांव से गायब हो गया।
एसएसपी के अनुसार इस मुकदमे में नामजद किए गए सभी आरोपी मुकदमे से बरी किए जा रहे हैं। वहीं इस गांव में विवाद की गंभीरता को देखते हुए सीसीटीवी भी लगवाए जा रहे हैं। वहीं उन्होंने लोगों से अपील की है कि इस तरह जिले में कहीं भी किसी के बहकावे में न आएं। इस खुलासे में शामिल रही सर्विलांस प्रभारी विपिन यादव, एसओजी प्रभारी संदीप सिंह, एसओ लोधा अंकित कुमार की टीम की पीठ ठोकी है।
कड़ी कार्रवाई हो: सपा
इस खुलासे पर सपा महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोषी ने पुलिस का अभार जताया है। साथ में कहा है कि इस तरह की घटनाएं जिले में तनाव कायम करती हैं। इसलिए अब इस खुलासे पर उन लोगों पर भी कार्रवाई हो, जिन्होंने हंगामा खड़ा किया था। साथ में आरोपियों पर सबक सिखाने वाली कार्रवाई हो।