छह माह से लापता पूर्व फौजी का शव खेत से बरामद
- फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
रुपयों की देनदारी से तंग इलाके के गांव डेट कलां के युवक ने खुर्जा नगर के पूर्व फौजी की हत्या कर शव अपने गांव के पास बाजरा के खेत में छिपा दिया। सात माह पूर्व हुई हत्या का खुलासा अब आकर खुर्जा नगर पुलिस ने करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार को आरोपी की निशानदेही से सड़ी-गली लाश बरामद कर ली है।
गौतमबुद्धनगर के जहांगीरपुर के गांव उदयपुर निवासी 62 वर्षीय पूर्व सैनिक सुखपाल सिंह काफी समय से खुर्जा में किराए के मकान में रहता था। बाकी परिवार गांव में ही रहता है। उसके दो बेटे सेना में नौकरी कर रहे हैं। सुखपाल सिंह का पिसावा क्षेत्र के गांव डेटा कलां में आशू पुत्र रिषीपाल के घर काफी आना जाना था। वह अक्सर यहां रुक भी जाया करता था। परिजनों के अनुसार 11 दिसंबर 2015 को सुखपाल लापता हो गया। उसका कहीं सुराग नहीं लगा।
परिजनों ने 3 जून 2016 को खुर्जा नगर थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया। जांच के दौरान दो तीन दिन पहले पुलिस ने डेटा कला निवासी आशू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो आशू से सुखपाल की हत्या कर उसका शव अपने गांव के राजवीर सिंह खेत में दबा देने की बात स्वीकार की।
यह खेत आशू ने फिलहाल बटाई पर ले रखा था। इसके आधार पर मंगलवार को थाना खुर्जा नगर के प्रभारी भूपेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ डेटा कलां निवासी अभियुक्त आशू को साथ लेकर आए। आशू की निशानदेही पर जेसीबी के मदद से खुदाई की गई। यहां से सुखपाल की सड़ी गली लाश बरामद हुई।
इस दौरान फारेंसिक टीम भी मौजूद रही, जिसने साक्ष्य एकत्रित किए। एसओ खुर्जा नगर भूपेंद्र सिंह के अनुसार मृतक सुखपाल शराब पीने का आदि था। उसने आशू को कर्ज दे रखा था। वह अपने रुपये मांगता था। इसी बात पर हुए विवाद में आशू ने सुखपाल की हत्या करने की बात स्वीकार की है।