कासगंज जाते समय पूर्व राज्यपाल आरिफ मोहम्मद कुछ देर के लिए एएमयू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष हैदर अली खान असद के निमंत्रण पर दोधपुर स्थित लालारुख कोठी पर पहुंचे।
शिक्षा, संस्कार और राष्ट्रप्रेम ही किसी भी युवा की वास्तविक पहचान है। यह संदेश पूर्व राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने युवाओं को दिया। 17 अप्रैल को कासगंज जाते समय वे कुछ देर के लिए एएमयू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष हैदर अली खान असद के निमंत्रण पर दोधपुर स्थित लालारुख कोठी पर पहुंचे। यहां अलीग बिरादरी ने उनका स्वागत किया।
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बिहार और केरल के पूर्व राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा देश केवल एक भौगोलिक सीमा का नाम नहीं है, बल्कि यह हमारी साझा विरासत और पहचान है। युवाओं को चाहिए कि वे शिक्षा को केवल डिग्री का माध्यम न बनाकर इसे संस्कारों और नैतिक मूल्यों से जोड़ें। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को राष्ट्र निर्माण की एक ऐसी धुरी बताया जहां से जिम्मेदार नागरिक तैयार होते हैं।
एएमयू के पूर्व कुलपति प्रोफेसर मोहम्मद गुलरेज ने कहा कि उनके विचार समाज को सही दिशा देने में हमेशा सक्षम रहे हैं। हैदर अली खान ने कहा कि उनके जीवन के संघर्ष और विचार आज की युवा पीढ़ी के लिए एक खुली किताब की तरह प्रेरणादायी हैं। इस अवसर पर मजहर उल कमर, असलम क़दीर, एसएम. रज़ा, डॉ. नज़र अब्बास, अख्तर अब्बास, जावेद सईद खान, सात्विक अग्रवाल सहित एएमयू छात्र मौजूद रहे।