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पूर्व विधायक संग पूर्व प्रमुख बेटे की भी होनी थी हत्या

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अभियुक्तों से बरामद की गाड़ी । - फोटो : CITY OFFICE
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खैर चेयरमैन संजीव अग्रवाल बिंटू ने पूर्व विधायक एवं रालोद नेता प्रमोद गौड़ के साथ-साथ उनके पूर्व ब्लाक प्रमुख पुत्र दिवाकर गौड़ की हत्या की साजिश भी रच दी थी। हालांकि यह पहले से नहीं, बल्कि प्रमोद गौड़ की रैकी के बाद तय हुआ। रैकी में शूटरों ने पाया कि अधिकांश समय पिता - पुत्र साथ -साथ घूमते हैं। किसे मारा जाए? इस सवाल पर संजीव अग्रवाल और राजकुमार जाट के बीच सौदा हुआ कि एक मरा तो 25 लाख और दोनों मरे तो सुपारी की रकम 50 लाख रुपये मिलेगी। पुलिस जांच व आरोपियों से पूछताछ के बाद यह तथ्य उजागर हुआ है। जिसे सुन खुद पुलिस टीम हैरान है। इन दिनों दिवाकर गौड़ की पत्नी वर्तमान में खैर ब्लाक प्रमुख हैं।
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खैर कस्बे में सिंचाई विभाग की जमीन पर कब्जे संबंधी शिकायत से जुड़े ताजा विवाद में पुरानी सियासी और जमीनी रंजिश ने यह रूप लिया। इस मामले में गहराई से जांच करते हुए पुलिस ने बुधवार को खैर नगर पालिका अध्यक्ष संजीव अग्रवाल सहित छह आरोपी जेल भेज दिए हैं। अभी चार फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें लगी हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से बुधवार दोपहर तक तो सिर्फ प्रमोद गौड़ की हत्या का तथ्य सामने आया था। मगर देर शाम तक अलग अलग चली पूछताछ में पिता-पुत्र की हत्या व 50 लाख की सुपारी का तथ्य भी उजागर हुआ है। इसे लेकर एसपी देहात पलाश बंसल बताते हैं कि पिता-पुत्र दोनों की हत्या की बड़ी साजिश से पर्दा उठा है। इस कांड की साजिश, रैकी में चेयरमैन सजीव अग्रवाल सहित कुल 10 अपराधी शामिल पाए गए हैं। चार अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
-पूर्व विधायक परिवार से जुड़े मामले को गंभीरता से देखा जा रहा है। पहले से पूर्व विधायक पर एक गनर हुआ करता था। मगर इस शिकायत के सामने आने और तथ्य उजागर होने के बाद एक और गनर सुरक्षा में लगाया गया है। बाकी तथ्यों पर टीम काम कर रही हैं। - कलानिधि नैथानी, एसएसपी
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रक्षाबंधन के दिन होना था काम तमाम, भीड़ ने टाला
पूर्व विधायक प्रमोद गौड़ की हत्या की योजना पर चेयरमैन संजीव अग्रवाल और बुलंदशहर के उनके पुराने आपराधिक मित्र राजकुमार जाट के बीच मार्च से काम चल रहा था। अब आकर इसे अमली जामा पहनाया गया था। रक्षाबंधन के दिन घटना को अंजाम देना तय हुआ था। इसी उद्देश्य से छह अगस्त से सभी शूटर व रैकी करने वाले यहां आकर ठहरे थे। मगर रक्षाबंधन के दिन बाजार में भीड़ अधिक होने के कारण काम नहीं हो सका और टालकर सभी लोग यहां से चले गए। इसके लिए बाकायदा चेयरमैन व उनके कर्मचारी बॉबी द्वारा प्रतिबंधित बोर की 9 एमएम पिस्टल सहित 4 पिस्टल व दो तमंचे मुहैया कराए गए थे।
सरदार की भूमिका निभाई राजकुमार ने
पुलिस जांच में साफ हुआ है कि चेयरमैन व राजकुमार के बीच 15-20 वर्ष पुराना नाता है। करीब 52 वर्षीय हिस्ट्रीशीटर राजकुमार ने अब अपराध छोड़ रखा है। मगर वह फिल्मी सरदार की भूमिका निभाता है। जिसके तहत वह काम उठाता है और अपने संबंधी अपराधियों को सौंपता है। इसी कड़ी में उसने जेल से छूटे अपराधियों को इस हत्या के लिए तैयार किया। पहले तय योजना के अनुसार एक हत्या पर 25 लाख में से 5 लाख रुपये राजकुमार को बाकी 20 लाख रुपये शूटरों को मिलने थे। इसी योजना के तहत 6 अगस्त को सभी लोग यहां आए। इन्हें पहले होटल टाउन प्लाजा और फिर चेयरमैन के कार्यालय में ठहराया गया। कई दिन की रैकी के बाद 12 अगस्त को भीड़ के चलते हत्या टाली गई। 12 अगस्त की रात ही ये सभी लोग चले गए। बस इनमें से एक सागर रह गया था, जिसे चोरी की बाइक सहित 13 अगस्त को खैर पुलिस ने पकड़ा। बाद में चेयरमैन की सिफारिश पर उसे छोड़ा गया था। मगर बाइक नहीं छूटी थी। इसी बीच इन सभी को चेयरमैन व बॉबी ने हथियार मुहैया कराए थे।
-ये किए हैं गिरफ्तार:-चेयरमैन संजीव अग्रवाल बिंटू, कर्मचारी विकास उर्फ बॉबी, मीडिएटर हिस्ट्रीशीटर बुलंदशहर खुर्जा का राजकुमार जाट, बुलंदशहर देवीपुरा के शूटर राहुल शर्मा, संजय शर्मा, सिकंदराबाद का करन सैनी।
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-ये हैं अभी फरार:-बुलंदशहर का शूटर बबलू पहलवान, उसका भाई रिंकू, रैकी में शामिल बबलू का ड्राइवर सागर उर्फ कालिया, एक अन्य शूटर तरुण त्यागी।
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