जहरीली शराब कांड में जवां में हुईं मौतों से जुड़े एक मुकदमे में सोमवार को ट्रायल शुरू होने की प्रक्रिया पूरी हो गई। इस दौरान पिछली तारीख पर बीमारी के चलते न्यायालय नहीं पहुंच सकीं पूर्व ब्लाक प्रमुख रेनू शर्मा को एंबुलेंस से दीवानी लाया गया, जहां एडीजे-9 की कोर्ट में पत्रावली पर उनके हस्ताक्षर कराकर आरोप तय करने की प्रक्रिया पूरी हुई। बता दें कि इस मुकदमे में रेनू शर्मा के अलावा सभी मुख्य आरोपी नामजद हैं। ये सभी आरोपी भी न्यायालय में तलब किए गए थे।
एडीजीसी जेपी राजपूत के अनुसार जवां के इस मुकदमे में आरोप तय कर ट्रायल शुरू करने के लिए पिछली तारीख पर सभी आरोपी तलब किए गए थे। मगर बीमार और अस्पताल में भरती होने के कारण मुख्य आरोपी ऋषि शर्मा की पत्नी रेनू शर्मा नहीं आ सकी थीं। इसके चलते इस मामले में सोमवार की तारीख नियत की गई थी। सोमवार को ऋषि, मुनीष, अनिल आदि तमाम मुख्य आरोपी जेल से न्यायालय में हाजिर हुए और जेएन मेडिकल कॉलेज में भरती रेनू शर्मा को एंबुलेंस से दीवानी लाया गया। इस दौरान सभी पर आरोप तय करते हुए पत्रावली पर हस्ताक्षर कराते हुए ट्रायल शुरू करने के आदेश दिए और अगली तारीख पर पहले गवाह के रूप में वादी को तलब किया गया। इधर, इसी न्यायालय में गंगाराम प्रधान के खिलाफ भी अकराबाद के एक मुकदमे में आरोप तय होने की प्रक्रिया होनी थी। मगर उसके साथी तीन अन्य आरोपियों के जेल से न्यायालय न आ पाने के कारण इस मामले में प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इधर, एडीजे विशेष न्यायालय ईसी एक्ट के यहां भी क्वार्सी के एक मुकदमे में प्रमोद गुप्ता के खिलाफ पहली गवाही तत्कालीन एसओ जवां चंचल सिरोही की ओर से दर्ज की गई। यह जानकारी देते हुए एडीजीसी चौ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि प्रमोद गुप्ता के यहां से पुलिस ने माल बरामद किया था।
सुमित और रविंद्र यादव की जमानत अर्जी खारिज
जिला जज डॉ. बब्बू सारंग के न्यायालय से जहरीली शराब कांड में कारोबारी विजेंद्र कपूर के मुनीम सुमित शर्मा व अकराबाद के दभी में शराब फैक्टरी के संचालक रविंद्र यादव की जमानत अर्जी खारिज की गई है। यह जानकारी देते हुए डीजीसी धीरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि सुमित शर्मा के खिलाफ अकराबाद में दर्ज मुकदमे में व रविंद्र यादव पर शराब फैक्टरी से संबंधित मुकदमे में जमानत अर्जी उनके अधिवक्ता की ओर से दायर की गई थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया है।
फर्जी पेट्रोल पंप संचालक के सहयोगी की जमानत खारिज
जहरीली शराब कांड के दौरान आरोपियों को खोज रही पुलिस ने साधू आश्रम जवां रोड पर ऋषि के करीबी राजू मामा की फर्जी पेट्रोल पंप पकड़ी थी। इस मामले में पंप संचालक के सहयोगी की जमानत अर्जी एडीजे विशेष ईसी एक्ट अशोक कुमार दशम के न्यायालय से खारिज की गई है। यह जानकारी देते हुए वरिष्ठ एडीजीसी चौ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि 6 जून 2021 को यह पंप पकड़ा गया था, जिसे बिना लाइसेंस के बाकायदा एक व्यवस्थित पेट्रोल पंप की तर्ज पर चलाया जा रहा था। मौके से दो आरोपी बतौर सेल्समैन पकड़े गए थे। जांच में उजागर हुआ कि यह पंप ऋषि के करीबी राजू मामा द्वारा चलाई जा रही है। इस मामले में पंप को जमीन के पट्टे के गवाह जट्टारी के अंकित खत्री का नाम सामने आया, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा। न्यायालय ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। वहीं अन्य मुख्य आरोपियों की जमानत पहले खारिज हो चुकी है।
मिशन शक्ति..पॉक्सो एक्ट के आरोपियों की जमानत खारिज
एडीजे विशेष न्यायालय पॉक्सो की अदालत से मिशन शक्ति के तहत पॉक्सो एक्ट के आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज की गई हैं। विशेष लोक अभियोजक महेश सिंह के अनुसार लोधा के ऋषि पाल सिंह, टप्पल के अजय व इगलास के छोटू उर्फ सौरभ की अलग-अलग मामलों में जमानत खारिज की गई हैं।