फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पूर्व फौजी बोले : चीन से लोहा लेने को तैयार हम

विज्ञापन
सेवानिवृत्त कर्नल आरके सिंह। - फोटो : CITY OFFICE
विज्ञापन
मौजूदा समय में चीन के साथ तनावपूर्ण और टकराव की स्थिति को देखते हुए पूर्व सैनिकों की भुजाएं फड़कने लगीं। पूर्व सैनिकों के संगठन इंडियन वेटरंस के पदाधिकारियों ने सैनिक कल्याण बोर्ड के माध्यम से रक्षा मंत्रालय को पत्र लिखकर कहा कि वह एक बार फिर से अपनी सेवाएं और अपना अनुभव देश को देने के लिए तैयार हैं। इनमें से कुछ सैनिक भारत-चीन सीमा पर अपने सेवाकाल में तैनात रह चुके हैं। पूर्व सैनिकों ने कहा कि उन्हें भारत-चीन सीमा की भौगोलिक स्थिति का अच्छे से अंदाजा है और वहां समय गुजारने का अनुभव भी है।
विज्ञापन

मैं दो बार एलएसी पर तैनात रहा हूं। एक बार 1988 में नूरानांग वैली में और दूसरी बार 2000 से 2003 तक तवांग सेक्टर में। जब चीन की पीएलए लाॅंग रेंज पेट्रोलिंग पर आती थी, तब वह हमारे क्षेत्र में घुसने की कोशिश करते थे। लेकिन हमारी सेना उनको एक कदम आगे नहीं बढ़ने देती थी। आज भी वही जज्बा है। अब भी चीनी सेना को धूल चटा सकते हैं। जरूरत पड़ी तो आज भी चीन बॉर्डर पर जाने के लिए तैयार हूं।
- कैप्टन सुलेमान खान, (रिटायर) 8 वीं बटालियन राजपूताना राइफल्स
मैं सिक्किम में 6 साल तैनात रहा। नाथू ला दर्रे पर चीन की सीमा और हमारी सीमा में 50 मीटर का फासला है। यह उत्तरी सिक्किम में आता है। नाथूला 14000 फीट की ऊंचाई पर है। यहां पर हमारी फौज डॉमिनेट पोजीशन में रहती है। हमारे पास पहले से भी ज्यादा अच्छे उपकरण और सुविधाएं हैं। अगर जरूरत पड़ी तो अपने अनुभव और सेवाएं एक बार फिर से सेना को देना चाहूंगा। मैंने अपने सभी पूर्व फौजी साथियों से संपर्क कर रखा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

- कर्नल (रिटायर) आरके सिंह, इंडियन वेटरंस

सेवानिवृत्त कैप्टन सुलेमान। - फोटो : CITY OFFICE

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें