फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अभिलेखों में छेड़छाड़ और नियमों की अवहेलना का आरोप

विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में चल रहे उठा-पटक में अब नेताओं की एंट्री हो गई है। महानगर भाजपा के चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक डॉ. विश्वमित्र आर्य ने मुख्यमंत्री से जिला मलेरिया अधिकारी एवं पीसीपीएनडीटी एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ की शिकायत की है और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
विज्ञापन

भाजपा नेता डॉ. विश्वमित्र का आरोप है कि राहुल कुलश्रेष्ठ गैर चिकित्सक व्यक्ति हैं। जिला मलेरिया अधिकारी के पद पर पिछले 15 वर्षों से कार्यरत हैं। गैर चिकित्सीय होने के बावजूद लंबे समय से पीसीपीएनडीटी (पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक) कार्यक्रम के नोडल अधिकारी के पद पर कार्यरत है। नोडल अधिकारी के रूप में नियम विरुद्ध कार्य करते हैं और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देते रहे हैं। भाजपा नेता ने खैर के एक हॉस्पिटल का जिक्र करते हुए कहा है कि अल्ट्रासाउंड मशीन लगाए जाने के लिए पंजीकरण आवेदन में राहुल कुलश्रेष्ठ द्वारा समुचित प्राधिकारी, पीसीपीएनडीटी/जिला मजिस्ट्रेट के अनुमोदन के उपरांत अपनी हैंड राइटिंग से आवेदन पत्र में वर्णित चिकित्सक के स्थान पर अन्य चिकित्सक को अधिकृत कर दिया गया। पंजीकरण की वैधता अवधि को कूटरचित तरीके से स्याही लगाकर बदल दिया गया। यह अपराध की श्रेणी में आता है। ऐेसे ही अन्य कई मामलों का उल्लेख कर नियमों की अवहेलना एवं भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।
मेरे ऊपर लगाए गए आरोप असत्य है। न तो मैं नियम विरुद्ध काम करता हूं और न पीसीपीएनडीटी का नोडल अधिकारी हूं। नोडल अधिकारी डॉ. खानचंद के सहयोगी के रूप में हूं।
विज्ञापन

डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ, डीएमओ
डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ पीसीपीएनडीटी के अकेले नोडल अधिकारी नहीं है। डॉ. खानचंद भी नोडल अधिकारी हैं। हम उनसे वहीं काम ले रहे हैं, जो लिया जा सकता है। हमारे पास सीमित साधन है। उसी से काम चलाना है।
विज्ञापन

- डॉ. बीपी सिंह कल्याणी, सीएमओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें