पैदल मार्च निकालते सवर्ण समाज के पदाधिकारी।
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सवर्ण एकता ने यूजीसी के काले कानूनों, एससी/ एसटी एक्ट और जातीय आरक्षण के विरोध में मंगलवार को पैदल मार्च निकाला। यह मार्च खिरनी गेट से गांधी पार्क तक किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर सवर्णों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। शांतनु गुप्ता ने कहा कि सरकार सवर्णों पर जबरदस्ती ऐसे कानून थोप रही है। गौरव सारस्वत ने मांग की कि एससी/एसटी एक्ट को जातीय के बजाय आर्थिक आधार पर लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी कह चुकी है कि अधिकांश एससी/ एसटी के मुकदमे झूठे पाए गए हैं।
रुद्रा पंडित ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हिंदुत्व के नाम पर वोट लेकर सवर्णों के खिलाफ कानून थोपने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि इन कानूनों से सवर्णों की पीढ़ी बर्बाद हो जाएगी। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के महानगर अध्यक्ष नितिन सक्सेना ने सरकार को तानाशाह बताया और कहा कि सवर्ण समाज 2027 में सरकार बदलने को तैयार है।
उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर बच्चों और माताओं-बहनों पर हुए अत्याचार का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि 2027 में अलंकार अग्निहोत्री के नेतृत्व में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा की सरकार बनेगी। इस मौके पर सचिन राघव, मुकेश शर्मा, केशव श्रीवास्तव, अंकुश भारद्वाज, आकाश शर्मा, प्रहलाद शर्मा, राजुल शर्मा, अमित सारस्वत आदि थे।