जिले के चर्चित एनजीओ ग्रामीण विकास सेवा संस्थान के आसाराम बापू कॉलोनी स्थित मिड डे मील सप्लाई के गोदाम व देवी नगला स्थित किचन से मासूमों का निवाला गायब मिला है। इस जानकारी पर एसडीएम कोल की अगुवाई में पूर्ति विभाग की टीम ने छापेमारी कर जांच पड़ताल की है। इस दौरान 62 बोरा चावल गायब मिला। जिसे लेकर एनजीओ संचालक इस बाबत कोई ठोस जवाब नहीं दे सका है। फिलहाल गोदाम व रसोई को सील कर दिया गया है और संचालक को शो-काज नोटिस जारी किया गया है। बता दें कि यही संस्था पिछले साल शामली में ब्लैक लिस्टेड हुई थी। जहां उसके द्वारा संचालित वृद्धाश्रम में शराब की बोतलें तक मिली थीं। इस तरह की संस्था शहर के विद्यालयों को एमडीएम सप्लाई कर रही है। यह अपने आप में बड़ा सवाल है।
एसडीएम कोल को शिकायत मिली थी कि शहरी क्षेत्र के विद्यालयों में मिड डे मील की सप्लाई करने वाले एनजीओ ग्रामीण विकास सेवा संस्थान के रामघाट रोड आसाराम बापू कालोनी स्थित गोदाम से मिड डे मील के लिए आवंटित चावलों को संचालक सरकारी बोरे बदलवा कर कालाबाजारी कर बाजार में बेच रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने पूर्ति निरीक्षक प्रमोद कुमार को जांच के लिए भेजा। पूर्ति निरीक्षक ने एनजीओ के गोदाम पर चेकिंग की तो पता चला कि एनजीओ को 21 जून को पीसीएफ गोदाम से मिड डे मील निर्माण के लिए 342 कट्टा चावल मिले थे। जांच में 151 बोरे सिले हुए मिले तो 12 बोरे चावल प्लास्टिक के प्राइवेट बोरों में भरा मिला। जब बाकी बोरों के बाबत पूछताछ की गई तो संचालक ने बताया कि अन्य बोरे उसकी एटा बाईपास देवी का नगला स्थित रसोई में रखे हैं। वहां जांच की गई तो वहां 108 बोरे सिले हुए मिले, जबकि 10 कट्टे खुले मिले। इंस्पेक्टर ने तत्काल एसडीएम कोल को सूचना दी तो वे मौके पर आ गए। उन्होंने संचालक से पूछताछ की तो उसने बताया कि 24 जून से स्कूल खुलने के बाद से आठ दिन में उसने दस कट्टे चावल खाना बनाने में प्रयुक्त कर लिया है। शेष 52 बोरों का वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। एसडीएम कोल ने रंजीत सिंह ने बताया कि संचालक अतरौली निवासी विनोद पुत्र अतर सिंह के गोदाम व रसोई को सील कर दिया गया है। उसे शो काज नोटिस दिया जा रहा है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी।
माफिया काकस से ताल्लुक रखता है संस्थान
जिस संस्थान के गोदाम व रसाई से माल गायब मिला है, वह जिले के एक माफिया काकस से ताल्लुक रखता है। इस माफिया काकस के कर्ता-धर्ता के कई एनजीओ संचालित हैं। पूर्व में भी उस पर आरोप लगते रहे हैं। कुछ साल पहले अतरौली के गोदाम से भी माल इसी तरह गायब मिला था। उस समय भी इस काकस के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। इसी तरह पिछले साल इसी संस्था के द्वारा शामली में चलाए जा रहे वृद्धाश्रम में शराब की बोतलें तक मिली थीं, जहां उसे ब्लैक लिस्टेड किया गया था।
पांच क्विंटल चावल से बनाया मिड डे मील, शेष से उधारी चुकाई
छापे के दौरान संचालक ने एसडीएम कोल को बरगलाने की पूरी कोशिश की। उसने बताया कि 24 जून से स्कूल खुलने के बाद पांच क्ंिवटल यानि दस बोरा चावल मिड डे मील बनाने में खप गया। शेष 52 बोरों से उसने उधारी चुका दी। दरअसल उसे दिसंबर के बाद दो माह तक सप्लाई नहीं मिली थी। मार्च में सप्लाई मिली। इस बीच उसने कुछ लोगों से उधार लेकर मिड डे मील बनवाया।