जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में सपा प्रत्याशी डा.नीतू सिंह (छर्रा विधायक ठा.राकेश सिंह की पत्नी) की जमानत जब्त करा देने वाली करारी शिकस्त के बाद सपा फिर से फार्म में लौट आयी है। दिन भर चले मतदान के बाद रविवार शाम जब जिले के 12 ब्लाकों के ब्लाक प्रमुख के नतीजे घोषित किये गये तो सपा सात सीटों पर काबिज हो चुकी थी।
प्रतिद्वंदी बसपा के पास तीन तो भाजपा के पास केवल एक सीट थी। बसपा के पूर्व विधाक प्रमोद गौड़ के पुत्र दिवाकर गौड़ ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में बेहतरीन जीत दर्ज कराई है। अब जिला पंचायत में बसपा का दबदबा रहेगा तो ब्लाकों में सपा की साइकिल आराम से दौड़ेगी। जिसका फायदा आगामी विधान परिषद सदस्य के चुनाव और 2017 के विधानसभा चुनाव में मिल सकेगा।
जिलाध्यक्ष अशोक यादव ने कहा है कि ये जीत कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत, जमीनी समर्थकों और पार्टी के सभी नेताओं की एकजुटता की जीत है। खैर, टप्पल, चंडौस और जवां में सपा ने अपने प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारे थे इसलिए वहां हार जीत का कोई सवाल नहीं उठता।
हां, अतरौली में केवल प्रत्याशी के हाथ खड़े कर देने से स्थिति गड़बड़ाई। इस तरह से पूरा अवलोकन करें तो इस चुनाव में सपा सभी के सहयोग से विजयी रही है। बसपा जिलाध्यक्ष अरविंद आदित्य ने कहा है कि तीन सीटों पर जीत हुई और खैर में दिवाकर गौड़ को पार्टी ने समर्थन दिया था। इस तरह से बसपा चार सीटों पर जीती है।
इधर, सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक सात ब्लाकों में मतदान कड़ी सुरक्षा में सम्पन्न हुआ। जिसमें खैर, टप्पल, गोंडा, इगलास, जवां, अकराबाद और गंगीरी मतदान हुआ। शाम छह बजे तक सभी ब्लाकों में नतीजे घोषित कर दिए गए थे। इस दौरान जिलाधिकारी डा. बलकार सिंह और एसएसपी जे रवींद्र गौड़ ने सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
गौर हो कि शुक्रवार को नामांकन के दिन चार ब्लाकों धनीपुर, अतरौली, बिजौली और चंडौस में निर्विरोध प्रत्याशी चुने लिए गए थे, जबकि नाम वापसी के दिन शनिवार को लोधा से भी निर्विरोध चयन तय हो गया था।