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कोहरे का कहर : हादसे में दरोगा और सिपाही समेत सात की मौत

Mon, 29 Jan 2018 02:14 AM IST
क्राइम न्यूज डेस्क, अमर उजाला अलीगढ़
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मृत दरोगा प्रदीप शर्मा के शव को कंधा देते डीएम ऋषिकेश भाष्कर याशोद, एसएसपी राजेश पांडेय। - फोटो : अमर उजाला
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घने कोहरे ने रविवार को दरोगा व सिपाही समेत सात लोगों की जिंदगी छीन ली। दरोगा प्रदीप शर्मा, सिपाही देवेंद्र यादव जवां क्षेत्र से अपहृत किशोरी को बरेली से बरामद कर आरोपी व उसके चार परिजनों को साथ लेकर स्कॉर्पियो से लौट रहे थे। छर्रा रोड पर स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम के पास सुबह करीब छह बजे अचानक सामने आए एक ट्रक को बचाने में इनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर 12 फुट गहरे नाले में जा गिरी। 
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हादसे में सात लोगों की डूबकर मौत हो गई, जबकि ड्राइवर किसी तरह बाहर निकल आया। पुलिसकर्मियों के शवों को राजकीय सम्मान के साथ विदाई देकर उनके घरों को भेजा गया। अन्य के शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए।

जवां थाना क्षेत्र के एक गांव में आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली दलित किशोरी (15) बीती 25 जनवरी से लापता थी। इस मामले में परिजनों ने छेरत में इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान पर काम करने वाले अहसान (20) पुत्र स्व. खलील व उसके दुकान मालिक राजुद्दीन के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। ये दोनों अलीगढ़ के हमदर्द नगर डी, जमालपुर के निवासी थे। इस मुकदमे की विवेचना एसएसआई जवां व सीडीएफ चौकी प्रभारी प्रदीप शर्मा (48) कर रहे थे।
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शनिवार देर शाम सूचना मिली कि आरोपी अहसान किशोरी को लेकर बरेली के किला थाने में पहुंच गया है। इस पर दोनों को लाने के लिए पुलिस टीम का बरेली जाना तय हुआ। यहां से रात दस बजे दरोगा प्रदीप शर्मा के अलावा सिपाही देवेंद्र यादव (30), आरोपी अहसान की बहन कमर जहां (30), बहनोई बबलू (31) पुत्र नूर मोहम्मद निवासी हमदर्द नगर डी सिविल लाइंस और नामजद राजुद्दीन का भाई व टैक्सी चालक शाहिद व साढ़ू नईम बरेली के लिए रवाना हुए।

रात करीब डेढ़ बजे यह लोग बरेली के किला थाने पहुंचे। वहां से आरोपी अहसान व किशोरी को साथ लेकर रात में ही अलीगढ़ के लिए लौट लिए। तड़के करीब छह बजे घने कोहरे में यह स्कॉर्पियो अतरौली कस्बे से करीब एक किमी पहले स्पोर्ट्स स्टेडियम और दादा साहब की मजार के पास पहुंची। मोड़ पर सामने से आते ट्रक से बचने में चालक ने गाड़ी से नियंत्रण खो दिया और स्कॉर्पियो सड़क किनारे पानी से भरे करीब 12 फुट गहरे नाले में जा गिरी। एक बुग्गी चालक व दौड़ लगाने आए युवकों ने पुलिस को हादसे की सूचना दी।

अतरौली पुलिस ने पहुंचकर जेसीबी की मदद से स्कॉर्पियो को बाहर निकलवाया। तब तक सातों लोगों की मौत हो गई थी। सूचना पर एसएसपी राजेश पांडेय, एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव, एसपी देहात डॉ. यशवीर सिंह, सीओ तृतीय संजीव दीक्षित, इंस्पेक्टर अतरौली उत्तम चंद्र पटेल, एसओ जवां अमित यादव आदि पहुंच गए। सातों शवों को पोस्टमार्टम के लिए लाया गया। रोते बिलखते परिजन भी यहां आ गए। बाद में पुलिस लाइन में दोनों पुलिसर्मियों के शवों को राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी गई। मृत दरोगा प्रदीप शर्मा मूल रूप से बागपत के बड़ौत थाना क्षेत्र के गांव बड़ावद के रहने वाले थे, जबकि सिपाही देवेंद्र यादव इटावा में सैफई के नगला अजाब के रहने वाले थे। अन्य मृतकों के शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए। अतरौली पुलिस ने दुर्घटना के पीछे चालक शाहिद की लापरवाही मानते हुए उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

इनकी हुई मौत
दरोगा प्रदीप शर्मा, सिपाही देवेंद्र यादव, अपहृत किशोरी, आरोपी अहसान के अलावा नईम, कमर जहां और बबलू

किसी तरह बचा चालक
हादसे के वक्त गाड़ी में चालक शाहिद को छोड़ सभी सोये हुए थे। चालक अपनी साइड की खिड़की खोलकर किसी तरह निकला और बाहर आकर सड़क के किनारे बेसुध हो गया। 

दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियोे में मौजूद दरोगा व सिपाही सहित सात लोगों की मौत हो गई। चालक किसी तरह बचकर बाहर निकल आया, जो बेहोश मिला। हिरासत में लेकर उसका इलाज कराया जा रहा है। पुलिसकर्मियों के शवों को राजकीय सम्मान के साथ पैतृक घरों को विदा करा दिया गया है।
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-राजेश पांडेय, एसएसपी



 
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