इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स अलीगढ़ शाखा द्वारा राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन में अतिथियों
- फोटो : samvad
बच्चे को गोद में उठाते ही उसका शरीर ढीला पड़ जाता है, सिर बार-बार पीछे की ओर झुकता है या हाथ-पैरों में सामान्य से ज्यादा ढीलापन दिखाई देता है तो इसे महज कमजोरी समझकर नजरअंदाज न करें। यह फ्लॉपी बेबी की स्थिति का संकेत हो सकता है। इसके पीछे मस्तिष्क, रीढ़ की नसों, तंत्रिकाओं या मांसपेशियों से जुड़ी समस्या हो सकती है।
शनिवार को बाल रोग स्वास्थ्य विशेषज्ञों के नियो-कॉन कार्यशाला में डॉ. अनूप वर्मा ने बताया कि फ्लॉपी बेबी कोई एक बीमारी नहीं, बल्कि एक चिकित्सकीय स्थिति या लक्षण है। इसलिए बच्चे में दिखाई देने वाले संकेतों को समझना और उसके कारण की पहचान करना जरूरी है। उन्होंने ताया कि डॉक्टर बच्चे की मांसपेशियों का टोन, ताकत, रिफ्लेक्स, सिर संभालने की क्षमता और उम्र के अनुसार विकास की जांच करते हैं। जरूरत के मुताबिक रक्त, आनुवंशिक और अन्य जांच कराई जा सकती हैं।
सिर संभालने में देरी तो डॉक्टर को दिखाएं
बच्चे के विकास पर माता-पिता को लगातार नजर रखनी चाहिए। अगर बच्चा उम्र के अनुसार सिर संभालने, पलटने, बैठने या दूसरी विकासात्मक गतिविधियों में पीछे रह रहा है तो बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। समय पर जांच होने से समस्या के कारण का पता लगाने और उपचार की दिशा तय करने में मदद मिल सकती है। विशेषज्ञों ने नवजात में ब्लड शुगर और कैल्शियम की कमी तथा आपात स्थितियों के व्यावहारिक प्रबंधन पर भी चर्चा की। कार्यशाला में शाखा अध्यक्ष डॉ. प्रदीप बंसल समेत बाल रोग और नवजात चिकित्सा से जुड़े विशेषज्ञ मौजूद रहे।
बच्चे में ये संकेत दिखें तो रहें सतर्क
. गोद में लेने पर शरीर का ढीला पड़ना
. सिर संभालने में परेशानी
. सिर का बार-बार पीछे झुकना
. हाथ-पैरों में असामान्य ढीलापन
. उम्र के मुताबिक पलटने या बैठने में देरी