शहर में धड़ल्ले से नकली दवाएं बिक रहीं हैं। शुक्रवार को कोलकाता के जासूस ने एक कंपनी के ब्रांड के नाम पर नकली पुरुष याैन शक्तिवर्धक कैप्सूल बेचने का खुलासा किया। कंपनी ने एफआईआर दर्ज कराई गई तो पुलिस ने दो मेडिकल स्टोर संचालकों को गिरफ्तार किया। इतना सब होने के बाद भी आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग के प्रभारी नरेंद्र कुमार को इस बारे में जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके पास इसकी लिखित शिकायत नहीं आई है।
कंपनी का दावा है कि नकली पुरुष याैन शक्तिवर्धक कैप्सूल की आपूर्ति दिल्ली से अलीगढ़ आ रही थी। रसलगंज स्थित नव दुर्गा मेडिकल एजेंसी के संचालक आकाश वार्ष्णेय ने बताया कि जनवरी 2026 में उन्होंने इस कंपनी का काम शुरू किया था। महीने में करीब एक लाख रुपये के कैप्सूल बिक रहे थे लेकिन धीरे-धीरे इसकी मांग कम होने लगी। उन्होंने दवा निर्माता कंपनी महामाया ड्रग्स एंड कास्मेटिक फर्म इंदौर को इसकी जानकारी दी। इसके बाद कंपनी ने कोलकाता के आलवेज डिटेक्टिव प्राइवेट लिमिटेड नामक जासूस कंपनी की मदद से नकली कैप्सूल बेचने का पर्दाफाश किया।
आकाश ने बताया कि नकली कैप्सूल पीले रंग का है, जबकि असली सुनहरे रंग का होता है। नकली की पैकिंग स्पष्ट नहीं दिखती है। 700 एमजी के छह कैप्सूल का पत्ता 660 रुपये का मिलता है। यह दवा यौन शक्तिवर्धक है, जो आयुर्वेदिक पद्धति से बनती है। इस प्रकरण में नगला पटवारी स्थित जनता फार्मेसी के संचालक सलमान ताहिर और आर्यन मेडिकल स्टोर नगला पटवारी के संचालक रफीक खान को गिरफ्तार किया गया है।