गंगा व यमुना नदी का जल स्तर बढ़ने से जिले की तहसील अतरौली और खैर के 28 गांवों में बाढ़ का खतरा है। इसको लेकर प्रशासन अलर्ट है। कंट्रोल रूम से दोनों नदियों के जलस्तर की 24 घंटे निगरानी के साथ ही बाढ़ चौकियां स्थापित कर दी गई हैं। आपदा प्रबंधन टीमों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।
आपदा प्रबंधन मित्र, सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों की आवश्यकतानुसार सहायता भी ली जाएगी। अति संवेदनशील और संवेदनशील क्षेत्रों में बाढ़ की आपात स्थिति के लिए व्यवस्थाओं को दुरुस्त बनाया जा रहा है। शासन ने बाढ़ से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत देने के लिए 10 लाख रुपये का बजट जारी कर दिया है। बाढ़ में फंसे ग्रामीणों को एयरलिफ्ट के लिए तहसील खैर में गेस्ट हाउस व अतरौली में खेल मैदान को हेलीपैड स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है।
सीएम योगी खुद कर रहे समीक्षा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों को बाढ़ से निपटने के लिए हरसंभव प्रयास करने के लिए कहा था। उन्होंने तटबंधों का आवश्यक रूप से निरीक्षण करने के साथ ही सिंचाई एवं जल संसाधन, गृह, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, सिंचाई, खाद्य एवं रसद, राजस्व समेत राज्य आपदा प्रबंधन से जुड़े लोगों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया है।
आपदा नियंत्रण कक्ष
- तहसील खैर- 8279600367
- लाल डिग्गी नरौरा खंड, निचली गंग नहर - 98971370055
- कलेक्ट्रेट कार्यालय, अलीगढ़ - 9454417749
- तहसील अतरौली - 9411052283
बाढ़ संभावित गांव
तहसील खैर- महाराजपुर, फाजिलपुर, समसपुर, लालपुर रैयतपुर, नरवारी, गिरधरपुर, शेरपुर, रामगढ़ी-मालव, नगला अमर सिंह, नगला चंडीगढ़, नगला रामस्वरूप- ऊंटासनी, पखोदना।
तहसील अतरौली - दीनापुर, गनेशपुर, हमीदपुर, रूस्तम नगर, नगला जोगिया, सीकरी, गहतौली गंग, नगला अलिया, गोपालपुर, हारनपुर, अहमतमाली, नगावली सकूरगंज, सांकरा, टोडरपुर, किरतौली, हारपुर।
बाढ़ को लेकर जिले में सतर्कता बरती जा रही है। कंट्रोल रूम के साथ ही बाढ़ चौकियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों व कर्मचारियों की तीन पालियों में ड्यूटियां लगा दी गई हैं। बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों के ग्रामीणों को सतर्क कर दिया गया है। प्रतिदिन गंगा व यमुना के जलस्तर की निगरानी कराई जा रही है। हर स्थिति से निपटने की तैयारी पूरी है।
- इंद्र विक्रम सिंह, डीएम