प्रदेश सरकार के राजस्व राज्यमंत्री अनूप प्रधान, एमएलसी एवं भाजपा जिलाध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल सिंह आदि ने बाढ़ प्रभावित गांव महाराजगढ़, पखोदना, शेरपुर, ऊंटासनी आदि गांवों का एडीएम वित्त एवं राजस्व मीनू राणा, एसडीएम खैर मोहम्मद अमान, तहसीलदार कृष्णगोपाल मिश्रा के साथ गांवों का दौरा कर ग्रामीणों को राहत सामग्री, जीवन रक्षक किट आदि का वितरण किया। उन्होंने यमुना नदी का पानी गांवों के किनारे एवं फसलों में पहुंचने से प्रभावित होने आदि के हुए नुकसान की जानकारी ली और स्थापित की गईं बाढ़ चौकियों की क्रियाशीलता, दवाई, खानपान आदि व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों को यमुना के पानी से प्रभावित फसलों की भरपाई के लिए सर्वे कराकर शीघ्र ही मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
गांव महाराजगढ़ एवं किशनगढ़ के ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से नाराजगी व्यक्त करते हुए बताया कि पिछले कई वर्षों से बाढ़ एवं प्रकृति के प्रकोप को झेलते चले आ रहे हैं। हर बार प्रशासनिक अधिकारी आकर स्थायी समाधान का भरोसा देकर चले जाते है, लेकिन इस समस्या का स्थायी समाधान आज तक नहीं हुआ है। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन एवं सरकार उनकी हरसंभव मदद के लिए तैयार है। ग्रामीण किसी भी कीमत पर गांव छोड़ने को तैयार नहीं हो रहे हैं। ऐसे में प्रशासनिक अफसरों की ओर से ग्रामीणों को भोजन एवं खाद्य सामग्री का वितरण शुरू कर दिया है। जनप्रतिनिधियों ने प्रशासनिक अफसरों को ग्रामीणों की हर संभव मदद करने के निर्देश दिए हैं।
एसडीएम ने ग्रामीणों की लगाई चौपाल
तहसील अतरौली क्षेत्र के दादों, सांकरा आदि क्षेत्र से होकर गुजर रही गंगा नदी का जलस्तर रविवार को कुछ बढ़ गया। नरौरा बैराज से सुबह करीब 2,11, 074 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सांकरा गंगा घाट पर 178.54 मीटर पानी था। एसडीएम अतरौली अनिल कटियार, नायब तहसीलदार लीलू सिंह गौतम एवं राजस्व टीम ने सांकरा गंगा घाट एवं गंगा नदी किनारे बसे गांवों दीनापुर प्यावली, सांकरा, सिसई बबरोतिया आदि गांव का दौरा कर चौपाल लगाकर ग्रामीणों को बाढ़ से बचने तथा नदी किनारे न जाने की भी अपील की। अफसरों ने बाढ़ चौकी श्री कृष्णा इंटर कॉलेज सांकरा में बैठक कर ग्रामीणों से सतर्क रहने एवं प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
यमुना में जल का स्तर रविवार को कुछ कम हुआ है। इससे आने वाले दिनों में ग्रामीणों को राहत मिलेगी। ग्रामीणों को राहत शिविरों एवं चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों को खाद्य सामग्री एवं सूखी राशन सामग्री का वितरण किया जा रहा है। फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। यमुना के साथ ही गंगा में स्थिति अभी पूरी तरह से नियंत्रण में है। प्रशासन लगातार जल स्तर पर पूरी निगरानी कर रहा है। - मीनू राणा, एडीएम वित्त एवं राजस्व, अलीगढ़