इस एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय मानक से तैयार किया जा रहा है। जिसके लिए पांच किमी लंबा रनवे बन रहा है। इसके लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ने 675 एकड़ भूमि की मांग की है। जिसमें करीब 300 एकड़ भूमि का अधिग्रहण हो चुका है, 376 एकड़ भूमि का अधिग्रहण जारी है।
फ्लाईबिग देगी विमान सेवा
नए साल के पहले ही दिन 19 सीटर विमान संचालन के लिए नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के स्तर से लाइसेंस जारी किया गया था। शासन स्तर पर उड़ान सेवा देने के लिए निजी कंपनी फ्लाईबिग से अनुबंध किया गया है। पहले चरण में अलीगढ़ से लखनऊ तक विमान संचालन होगा।
वर्ष 2015 से शुरू हुआ था काम
रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत अलीगढ़ एयरपोर्ट का निर्माण कार्य वर्ष 2015 में शुरू हुआ था। करीब आठ साल तक भूमि अधिग्रहण से लेकर निर्माण कार्य चला। प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने अलीगढ़ समेत प्रदेश के पांच जिलों में एयरपोर्ट संचालन की जिम्मेदारी विमानपत्तन प्राधिकरण को दी थी।
110 करोड़ से तैयार हुआ अलीगढ़ एयरपोर्ट
केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत अलीगढ़ एयरपोर्ट को करीब 110 करोड़ रुपये से तैयार किया गया है। इस लागत में भूमि अधिग्रहण के साथ ही निर्माण कार्य भी शामिल है। करीब डेढ़ साल पहले इसका निर्माण पूरा कर लिया गया। इसके बाद सरकार की ओर से डीजीसीए में लाइसेंस आवेदन किया गया। डीजीसीए ने पहली जनवरी 2024 को लाइसेंस जारी कर दिया।
पहले चरण में दो मार्च से लखनऊ के लिए उड़ान शुरू होगी। 19 सीटर विमान हर रोज लखनऊ आया-जाया करेंगे। शासन से इसकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। किराए को लेकर उड्यन मंत्रालय व एयरलाइंस ही निर्णय लेती है। उड़ान का समय स्लॉट की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। एयरलाइंस के स्तर से उड़ान का समय जल्द ही तय किया जाना अपेक्षित है।-एसएस अग्रवाल, विमानिक संचार प्रभारी अधिकारी।