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पांच और शिक्षकों के प्रमाण पत्र संदेह के घेरे में

Mon, 27 Nov 2017 01:54 AM IST
अमर उजाला, हाथरस
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Teacher
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बेसिक शिक्षा विभाग में चल रही फर्जी बीएड की डिग्रीधारी शिक्षकों की जांच युद्ध स्तर पर जारी है। जैसे-जैसे शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्र जांच के लिए पहुंच रहे हैं, इनकी जांच भी आगे बढ़ रही है। पांच और शिक्षकों के प्रमाण पत्र जांच में संदिग्ध पाए गए हैं। विभागीय अधिकारियों को शक है कि जांच में अभी और कोई चौंकाने वाले मामले सामने आ सकते हैं। अब तक 65 फर्जी डिग्री धारी शिक्षकों का खुलासा हो चुका है। कुछ मामले ऐसे भी आए हैं, जिनमें विश्वविद्यालय से एक ही रोल नंबर से दो या इससे ज्यादा अभ्यर्थियों को मार्कशीट जारी कर दी गई है। इन खुलासों ने पूरी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को ही सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है। अहम सवाल तो यह उठता है कि बिना सत्यापन के इन शिक्षकों की भर्ती को अंतिम रूप दे कैसे दिया गया।
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दरअसल, डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से 2004-05 में जारी की गईं बीएड की डिग्रियों के बारे में शासन स्तर पर शिकायत की गई थीं। 

 शासन ने विशेष जांच दल (एसआईटी) से इसकी जांच  कराई तो करीब साढ़े चार हजार से ज्यादा डिग्री फर्जी निकलीं। एसआईटी ने इन फर्जी डिग्रीधारियों का डाटा सभी जिलों को भेजते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारियों से इनके शैक्षिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराने को कहा गया। बीएसए ने 2004-05 की बीएड डिग्री से भर्ती सभी शिक्षकों के ही शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच शुरू करा दी।

इस जांच में अब तक 65 शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्र तो फर्जी साबित हो चुके हैं, जबकि 20 और शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्र संदिग्ध पाए चुके हैं। इनके अलावा पांच और शिक्षकों के प्रमाण पत्र संदेह के घेरे में हैं। जांच टीम ने इनके प्रमाण पत्र तलब किए हैं। सत्यापन के बाद ही यह तय हो सकेगा कि इनके प्रमाण पत्र फर्जी हैं या नहीं। इनका सत्यापन अंतिम चरण में है। जांच टीम को उम्मीद है कि फर्जी डिग्रीधारियों की संख्या इससे भी ज्यादा हो सकती है। 
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चूंकि कई शिक्षकों ने अभी तक सत्यापन के लिए अपने शैक्षिक प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराए हैं, इसलिए जांच में देरी हो रही है, लेकिन जल्द ही इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा। 

जिन शिक्षकों के प्रमाण पत्र फर्जी पाए जा चुके हैं, उनको नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है। उनका वेतन भी रोक दिया गया है। इस तरह के और भी मामले अभी सामने आने की उम्मीद है। जब तक सभी डिग्रीधारियों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन पूरा नहीं हो जाता, तब तक यह जांच चलती रहेगी।
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- रेखा सुमन, बीएसए हाथरस
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