सत्र परीक्षण में साक्ष्यों व गवाही के आधार पर न्यायालय ने पांचों को आजीवन कारावास से दंडित किया है। साथ में जूली, नन्नू, मुन्नी पर 40-40 हजार, शाहरुख, शमा को 45-45 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि अर्थदंड की रकम बैंक में जमा की जाए, जिसे बाद में बच्चों के बालिग होने पर उन्हें दिया जाए। दोनों बच्चे वर्तमान में अपने चाचा के पास रह रहे हैं।
मां ने डराकर रखा, बेटी ने पुलिस के सामने तोड़ी चुप्पी
इस मामले में केस डायरी में विवेचक ने उल्लेख किया कि जब वह जूली के घर पहुंचे। तब शाहरुख को छोड़कर बाकी सभी आरोपी वहां थे। बेटा और बेटी भी थे। पूछताछ में पुलिस ने सभी से बरगलाया, लेकिन बेटी (11) शिफा से अकेले में पूछताछ की गई तो उसने सच बता दिया। उसने बताया कि मां ने उसे डराकर रखा हुआ है। सच ये हैं कि पापा शराब के नशे में आए थे और मां से झगड़ा कर रहे थे। बेटे को भी पीटा और मां पर चाकू से हमला किया। वह मां का धक्का लगने से गिर गए। इसके बाद उन्हें गला दबाकर मार दिया। दो दिन तक शव घर में रखा गया। दुर्गंध आने पर 14 मई की तड़के नानी व मासी शव को टिर्री में लादकर ले गईं। पोखर के पास फेंक आईं। इसके बाद पत्नी टूट गई। उसने नशे के विवाद में झगड़ा होने हत्या की बात स्वीकार कर ली।