लोकतंत्र के उत्सव में वोटों की तपिश से ठंड का सितम नाकाम हो गया। कोहरे की चादर मतदाताओं के जज्बे को डिगा नहीं सकी। कोहरा था, लेकिन मतदाता लोकतंत्र के सजग प्रहरी बनकर सुबह सात बजे से पहले ही पोलिंग बूथ पर पहुंच गए। यह दृश्य मुस्लिम इलाकों में बने बूथ केंद्रों पर देखने को मिला, जहां मतदाताओं का उत्साह चरम पर रहा।
बृहस्पतिवार को विधानसभा चुनाव के पहले चरण में अलीगढ़ जिले की सातों विधानसभा सीटों के लिए मतदान शुरू हुआ। शहर व कोल विधानसभा क्षेत्र के तहत मुस्लिम इलाकों में मतदाताओं में मतदान को लेकर जबर्दस्त उत्साह दिखा। सुबह कोहरा काफी था, लेकिन मतदाताओं में जोश कम नहीं था। बिना नाश्ता-पानी करके वह अपने-अपने पोलिंग बूथ पर पहुंच गए। धूप जिस तरह खिलती गई, वैसे-वैसे पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की तादाद बढ़ती गई। शहर विधानसभा क्षेत्र के शाहजमाल में ग्लोरियस पब्लिक स्कूल में बने बूथ पर मतदाताओं की काफी भीड़ थी। इससे कुछ दूरी पर रहमत पब्लिक स्कूल में भी मतदाताओं की भीड़ रही। इसी तरह लुत्फिया इंटर कॉलेज ऊपरकोट, एएमयू काजीपाड़ा, बिहारी लाल इंटर कॉलेज भुजपुरा आदि पोलिंग बूथों पर काफी भीड़ रही। इसी तरह कोल विधानसभा क्षेत्र के तहत जाकिर हुसैन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जामिया उर्दू मेडिकल रोड, जीवनगढ़, जाकिर नगर, रजा नगर, चिल्ड्रन पब्लिक स्कूल मैरिस रोड में बने पोलिंग बूथ पर मतदाताओं की भीड़ रही। मुस्लिम इलाकों में बने पोलिंग बूथों पर टिर्री से महिलाएं पहुंचीं। जीवन गढ़, अहमद नगर, केला नगर आदि मोहल्लों की महिला मतदाता अपने घर से दूर बने पोलिंग बूथों पर पहुुंचीं। टिर्री चालकों ने भी इस लोकतंत्र उत्सव में अच्छी कमाई की।
हिंदू इलाकों की टोह लेते मुस्लिम इलाकोें के लोग
अलीगढ़। मुस्लिम इलाकों में हिंदू इलाकों के बूथ केेंद्रों पर कितनी भीड़ है, इसकी टोह लेते रहे। हर घंटे पर इन इलाकों की हालात की जानकारी करते रहे। मुस्लिम इलाकों के बुद्धिजीवियों में यहां की सूरते हाल जानने की उत्सुकता थी। जब भेजी गई सूचनाओं से संतुष्ट नहीं हुए, तब वह स्वयं भी हिंदू इलाकों में पहुंच गए।