पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि घटना के समय युवती का एक अन्य छोटा भाई अभिषेक भी हॉस्पिटल के आसपास था। वह नोएडा में किसी निजी कंपनी में जॉब करता है। हालांकि, भागते समय वह भूपेंद्र व शिवम के साथ नहीं था। पुलिस ने अंदेशा जताया गया है कि वह साजिश के तहत किसी तरह से दोनों के फंसने पर उन्हें निकालने के मकसद से बाहर दूसरे वाहन पर खड़ा रहा होगा। अब तीनों फरार हैं, जिनकी लोकेशन मथुरा के बाद से नहीं मिल रही है।
सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि हत्याकांड में फरार दो मुख्य आरोपियों के साथ-साथ तीसरे की लोकेशन भी घटना के समय यहां होना पाया जा रहा है। तीनों की तलाश की जा रही है। हत्या से पहले और बाद में युवती का बड़ा भाई जितेंद्र दोनों मुख्य आरोपियों के संपर्क में था। वह आगरा डीआईजी कार्यालय में तैनात है, उसकी पत्नी भी आगरा पुलिस में ही कार्यरत है। घटना के कुछ देर बाद वह आगरा से टूंडला पहुंचा। फिर कुछ देर उसका मोबाइल बंद हो गया। बाद में वह आगरा पहुंच गया।
अलीगढ़ पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए बुलाया तो उसने बताया कि उसे जानकारी थी कि दोनों वेदपाल की हत्या करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा था कि वह हत्या के बाद उसे कॉल करेंगे। इसलिए वह अपनी लोकेशन बदल रहा था व बार-बार मोबाइल स्चिव ऑफ और ऑन कर रहा था। सीओ तृतीय ने बताया कि जितेंद्र को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।