अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में निर्माण के ठेके को लेकर ठेकेदार के एक गुट ने दूसरे गुट पर दबाव बनाने के लिए रॉस मसूद हॉल के सामने हवाई फायरिंग कर डाली। तीन कारों में सवार होकर पहुंचे डेढ़ दर्जन बाहरी लोगों ने यह फायरिंग की। इस दौरान एक छात्र भी सामने आ गया तो उसके साथ भी मारपीट कर दी। सूचना पर विश्वविद्यालय की टीम पहुंची, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले फायरिंग करने वाले भाग चुके थे।
एएमयू में अलग-अलग निर्माण के ठेके ठेकेदारों को दिए जाते हैं। ठेकेदारों में आपस में भी स्पर्धा रहती है। बुधवार को शाम 5:00 बजे एक ठेकेदार के गुट ने काम कर रहे दूसरे ठेकेदार की लेबर को धमकाने के लिए आरएम हॉल के सामने हवाई फायरिंग कर डाली। एएमयू के प्रॉक्टर प्रोफेसर वसीम अली कहते हैं, हमें फायरिंग की सूचना मिली। हमें यह भी मालूम था कि इस समय किसी भी हॉस्टल में छात्र नहीं रह रहे हैं। कैंपस पूरी तरह खाली है। हमने प्रॉक्टोरियल टीम को मौके पर भेजा, लेकिन उससे पहले फायरिंग करने वाले भाग चुके थे।
एएमयू जनसंपर्क विभाग के एमआईसी प्रोफेसर शाफे किदवई कहते हैं प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह निर्माण कर रहे दो ठेकेदारों के आपस का मामला है। इसमें छात्रों की कोई भूमिका नहीं है और छात्र कैंपस में है भी नहीं। ठेकेदारों को चिह्नित कर विश्वविद्यालय अपनी आंतरिक कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। इधर, एक इमरान नाम के हिंदी विभाग से बीए कर रहे छात्र ने बताया कि वह एसएस साउथ में रहता है। किसी काम से अचानक यहां आया तो उसके साथ हमलावरों ने मारपीट कर दी और फायरिंग कर भाग गए। उसका आरोप है कि कैंपस में दबंगई के इरादे से यह घटना की गई है। इधर, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस प्रमेंद्र कुमार का कहना है कि तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।