अकराबाद थाना क्षेत्र के पनैठी-गंगीरी रोड पर शाहगढ़ गांव के पास बुधवार-बृहस्पतिवार की तड़के कासगंज डिपो की अनुबंधित बस (यूपी 87 टी 4685) में अचानक आग लग गई। सवारियां कुछ समझ पातीं, इससे पहले आग ने विकराल रूप ले लिया और यात्रियों में चीख पुकार मच गई। अफरा-तफरी के बीच यात्रियों ने खिड़कियों से कूदकर अपनी और अपने बच्चों की जान बचाई। सभी 38 यात्री सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन उनका कीमती सामान जल गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दमकल कर्मियों की मदद से आग पर काबू पाया। गौरतलब हो कि बीते दिनों मथुरा में रोडवेज बस में आग लगने से एक यात्री उसमें जिंदा जल गया था।
कासगंज डिपो की अनुबंधित बस के चालक शीलेंद्र पुत्र श्यौदान सिंह परिचालक अनिल के साथ बुधवार की रात अलीगढ़ से 38 सवारियां बैठाकर पनैठी-गंगीरी रोड से होते हुए कासगंज जा रहे थे। बृस्पतिवार की तड़के करीब साढ़े तीन बजे जैसे ही अकराबाद थाना क्षेत्र के गांव शाहगढ़ के पास बस पहुंची। तभी बैटरी के पास वायरिंग में शॉर्ट सर्किट हो गया, जिससे पूरी बस में धुएं का गुबार छा गया। देखते ही देखते बस में आग लग गई। बस के अंदर अचानक आग लगने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और उतरने के लिए चीख पुकार शुरू हो गई। कोई दरवाजे से निकलने की कोशिश करने लगा तो कई यात्री खिड़कियों से कूदकर बाहर आए। तब जाकर उनकी व उनके बच्चों की जान बच सकी। कुछ यात्रियों ने बस की खिड़कियों में लगे शीशे तोड़े और बाहर निकले। शोर शराबा सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर आ गए। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से बस में फंसे यात्रियों और बच्चों को बाहर निकाला। सूचना पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया।
खाली निकला अग्निशमन यंत्र
- बस यात्री विपिन कुमार ने बताया कि वह नोएडा की निजी कंपनी में काम करते हैं। गांव में एक शादी थी, जिसमें शामिल होने के लिए वह उक्त बस में अलीगढ़ से सवार होकर कासगंज जा रहे थे। बस में आग लगी तो यात्रियों ने बस में रखे अग्निशमन यंत्र से आग बुझाने का प्रयास किया। लेकिन सिलिंडर खाली निकला। बताया कि आग में पूरा बैग जल गया है। जिसमें पांच हजार रुपये व लैपटॉप के साथ अन्य सामान रखा हुआ था।
- अनार सिंह ने बताया है कि वह गाजियाबाद की एक निजी कंपनी में काम करते हैं। वह अपनी पत्नी सीमा देवी एवं दो साल के नाती मयंक के साथ अपने गांव मीरपुर थाना मारहरा जा रहे थे। जहां से उन्हें अपनी बहन की ससुराल भात लेकर जाना था। उसी की तैयारी के लिए गाजियाबाद से ही भात का सामान खरीद कर बैग में रख लिया था। बैग में करीब दस हजार रुपये और पत्नी के कपड़े थे। बस में लगी आग से सभी सामान और रुपये जल गए हैं।
रूट से अलग चल रही थी बस
सवारियों से भरी रोडवेज की अनुबंधित बस में फिर से आग लगने की घटना से लोग हैरान हैं। बस अपने निर्धारित रूट से अलग चल रही थी। बताया गया कि बस का निर्धारित रूट अलीगढ़, अकराबाद, सिकंदराराऊ होते हुए कासगंज है। जबकि बस अलीगढ़ से पनैठी, गंगीरी होते हुए कासगंज जा रही थी। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर बस अपने निर्धारित रूट पर क्यों नहीं चल रही थी।
मामला संज्ञान में है। गनीमत रही कि किसी सवारी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। प्रथम दृष्टया मामला बैटरी और उसके तारों में शॉर्ट सर्किट का लग रहा है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। बस निर्धारित रूट पर नहीं चल रही थी। इसकी भी जांच करवाई जाएगी।
- मो. परवेज खान, क्षेत्रीय प्रबंधक परिवहन निगम।
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मथुरा में जलने वाली बस भी थी अनुबंधित
-14 फरवरी की शाम मथुरा के पुराने बस स्टैंड पर बुद्ध विहार डिपो की अनुबंधित बस में आग लग गई थी, जिसमें भिलाई निवासी व कासिमपुर पावर हाउस में तोशीबा कंपनी में जीएम पद पर कार्यरत शैलेश उपाध्याय (53) की जिंदा जलने से मौत हो गई थी। यह बस भी अनुबंधित थी। बृहस्पतिवार तड़के शाहगढ़ में जली कासगंज डिपो की बस भी अनुबंधित थी।
आरटीओ ने ब्लैक लिस्टेड कर रखी थी बस
- अकराबाद के शाहगढ़ में जलने वाली कासगंज डिपो की अनुबंधित बस अलीगढ़ आरटीओ ने ब्लैक लिस्टेड कर रखी थी। नौ नवंबर को ई चालान हुआ था। चालान शुल्क समय से जमा नहीं कराया गया था। ऐसे में अलीगढ़ आरटीओ ने इस बस को ब्लैक लिस्टेड में कर दिया था। लेकिन बस बिना रोक-टोक के सड़क में दौड़ रही थी।
लापरवाहों पर होनी चाहिए कार्रवाई
- रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के मंडल अध्यक्ष मुनेंद्र पाल सिंह ने बताया कि विभाग की लापरवाही के चलते ऐसे हादसे हो रहे हैं। इसी कारण स्टाफ के साथ-साथ जनता की जान से खिलवाड़ हो रहा है। संगठन इसका विरोध करेगा, जो लोग दोषी हैं, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।