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अलीगढ़ : वीजा नियमों के उल्लंघन में फंसे श्रीलंकाई जमातियों पर मुकदमा दर्ज

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जमातियों की तलाश के दौरान बुधवार को ऊपरकोट कोतवाली के रंगरेजान मोहल्ला की मस्जिद से पकड़े गए दो श्रीलंका मूल के जमातियों पर वीजा नियमों का उल्लंघन करने और लॉकडाउन का उल्लंघन करने का आरोप लगा है। उनके खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। उनके साथ 11 अन्य जमाती, मस्जिद के इमाम प्रबंधक व शाहजमाल में जमात रजिस्टर रखने वाले ओहदेदार सहित कुल 16 आरोपी बनाए गए हैं। इन सभी पर महामारी अधिनियम का भी आरोप लगाया गया है। साथ ही दोनों के पासपोर्ट जब्त कर वीजा रद्द कराने के लिए गृह व विदेश मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी जा रही है। फिलहाल, सभी जमाती मस्जिद में ही 14 दिन के लिए क्वारंटीन हैं।
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इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह के अनुसार, बाबरी मंडी चौकी इंचार्ज दीपक कुमार बालियान की तहरीर के आधार पर इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि रंगरेजान मस्जिद की चेकिंग के दौरान वहां 13 लोग मिले। इनमें श्रीलंका मूल के जमाती मो. मुर्शीद पुत्र पाकीर अली और एमजे हिपलुररहमान पुत्र जिहार भी शामिल हैं। इन लोगों ने पूछताछ में स्वीकारा कि 28 फरवरी को टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे। यहां आने के बाद निजामुद्दीन मरकज की तब्लीगी जमात में शामिल हुए। वहां दो दिन रुकने के बाद जमात के साथ एक मार्च को अलीगढ़ आ गए। यहां पर शाहजमाल ईदगाह के भीतर भी कुछ दिन ठहरे थे। इसके बाद 14 से 22 मार्च तक रंगरेजान मस्जिद में रुके। जब जमातियों की तलाश शुरू हुई तो सभी लोग खाईडोरा में एक मकान में रुके थे।
एक अप्रैल को वापस इसी मस्जिद में आ गए थे। इनके साथ भारत के अलग-अलग शहरों व राज्यों के 11 जमाती भी शामिल हैं। कुल 13 लोगों की यह जमात है। श्रीलंका मूल के जमातियों पर आरोप है कि वह भारत में टूरिस्ट वीजा पर घूमने-फिरने की अनुमति लेकर आए थे। मगर, यहां इसके विपरीत ये लोग धार्मिक गतिविधियों में शामिल हो गए। इससे इन्होंने सरकार को भ्रमित करने के साथ ही वीजा नियमों का उल्लंघन भी किया है।
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इस आरोप में इन दोनों के खिलाफ विदेश अधिनियम 1946 की धारा 14 और 14 सी में मुकदमा दर्ज किया है। मुकदमे में इन दोनों के सहित कुल 16 आरोपी हैं, जिनमें 11 अन्य जमाती, रंगरेजान मस्जिद के इमाम, प्रबंधक व शाहजमाल मस्जिद में जमातियों का रजिस्टर रखने वाले ओहदेदार मेहराज शामिल हैं। सभी 16 लोगों पर धारा 144, लॉकडाउन तोड़ने की धारा 188, अपेक्षापूर्ण कार्य करने जिससे संक्रमण फैलने की संभावना बनने की धारा 269, सरकदार द्वारा बनाए गए नियमों की अवज्ञा करने की धारा 271 व धारा 3 महामारी अधिनियिम 1897 का भी आरोप लगाया गया है।
मुकदमे में ये आरोपी--
-मस्जिद इमाम मो. खालीद पुत्र मो. उस्मान निवासी रंगरेजान मस्जिद मूल निवासी छोटा बिसार भवानीपुर पूर्णिया बिहार।
-मस्जिद प्रबंधक फजलुर्रहमान पुत्र नन्हे मियां निवासी चंदन शहीद रोड, कोतवाली।
- शाहजमाल के जमात रजिस्टर के ओहदेदार मौलाना मास्टर मेहराज।
- मो. मुर्शीद पुत्र पाकीर अली निवासी श्रीलंका।
- एमजे हिपलुररहमान पुत्र जिहार श्रीलंका।
- मो. शाहबुद्दीन खां पुत्र शबीर खां निवासी मध्य प्रदेश।
- शोहेल पुत्र नूर हसन निवासी सहारनपुर।
- मो. मुस्तफा पुत्र मो. अली निवासी तमिलनाड़ु।
- आफताब पुत्र नूर मोहम्मद निवासी सहारनपुर।
- मुश्ताक खान पुत्र रोशन खान निवासी किशनगंज।
- कमरुद्दीन पुत्र अनस निवासी मेवात, हरियाणा।
- रिजवान पुत्र शाहिद निवासी हरियाणा।
- खालीद पुत्र कय्यूम निवासी पानीपत, हरियाणा।
- अलीशान पुत्र अय्यूब खान निवासी सहारनपुर।
- नूर मोहम्मद पुत्र जमालउद्दीन निवासी मेरठ।
- बफाक अली पुत्र फकरु निवासी बुलंदशहर।
सबसे बड़ी लापरवाही, देश में दोनों ने कहीं नहीं भरा फार्म सी
जांच में यह बात सामने आई है कि श्रीलंका मूल के जमातियों ने अलीगढ़ आने के बाद फार्म सी भी नहीं भरा, जबकि नियम है कि जब भी कोई व्यक्ति वीजा पर भारत आने के बाद देश के जिस शहर में जाएगा, वहां के संबंधित प्रधान, पार्षद, रिश्तेदार या होटल मैनेजर के सहयोग से थाना पुलिस के पास जाकर फार्म सी भरने की प्रक्रिया पूरी करता है। जिसमें उसे बताना होता है कि वह किस देश से है, किस तरह के वीजा पर है और किस काम से आया है और कब तक रहेगा। मगर, इन दोनों ने ऐसा नहीं किया। जांच में उन्होंने बताया कि वह दिल्ली में भी फार्म सी भरकर नहीं आए हैं।
एसएसपी मुनिराज जी ने कहा कि निजामुद्दीन मरकज में शामिल होने के बाद यहां पहुंचे श्रीलंकाई मूल के जमातियों सहित सभी 16 लोगों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विदेशी नागरिकों ने वीजा नियमों का उल्लंघन किया है। जिसमें सबसे बड़ी बात टूरिस्ट वीजा के दौरान धार्मिक गतिविधि में शामिल होना व फार्म सी न भरना शामिल है। बाकी जांच में जो तथ्य आएंगे, उन्हें शामिल किया जाएगा। उनका वीजा रद्द करने संबंधी रिपोर्ट भी शासन के जरिये भेजी जा रही है।
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