एटीएम में कैश लोडिंग और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालने वाली फ्रेंचाइजी के तीन लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई है। आरोप है कि सर्विस अनुबंध समाप्त किए जाने के बाद आरोपियों ने अपनी जिम्मेदारी वाले सभी एटीएम से करीब सवा करोड़ रुपये निकाल लिए। यह रुपये कंपनी में जमा नहीं कराए गए।
इंडिया वन पेमेंट्स लिमिटेड के जोनल मैनेजर (आपरेशंस) दीपक गरकोटी की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा कि वर्ष 2022 में कंपनी ने नीलांश सर्विसेज प्रोपराइटर पूजा गुप्ता, चमचम सिटी पार्टनर के हिमांशु गोयल व ध्रुव गोयल निवासीगण मास्टर काॅलोनी के साथ हाथरस और अलीगढ़ के 57 एटीएम के संचालन का अनुबंध किया था। इन फर्मों पर एटीएम में कैश लोडिंग, मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेदारी थी।
सेवा में लापरवाही और खराब प्रदर्शन पर 12 दिसंबर 2025 को कंपनी ने इन फर्मों के साथ अनुबंध समाप्त कर ईमेल और व्यक्तिगत रूप से पार्टनर हिमांशु गोयल को सूचना दी। इसके बाद हिमांशु गोयल ने अलीगढ़ और हाथरस के एटीएम से एक करोड़ 23 लाख 13257 रुपये निकाल लिए।
नियम के अनुसार एटीएम का हैंडओवर तभी संभव है जब फिजिकल कैश और स्विच बैलेंस शून्य हो। आरोपियों ने निकाली गई धनराशि कंपनी के खाते में जमा नहीं कराई। केवल 14 एटीएम का जीरो बैलेंस किया। जानबूझकर एटीएम का हस्तांतरण भी नहीं किया। इससे कंपनी को आर्थिक क्षति हो रही है।
कोतवाल नरेंद्र यादव ने बताया कि मामले में तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। उधर आरोपी बनाए गए हिमांंशु गोयल का कहना है कि कंपनी के अधिकारियों ने उनके साथ धोखाधड़ी की है। एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।