एएमयू कोर्ट में डोनर कैटेगरी से होने वाले चुनाव में अपने चहेतों को जिताने के लिए मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. जमशेद सिद्दीकी ने डाक विभाग के कर्मचारियों से सांठ-गांठ कर मतपत्रों को गायब करा दिया है। यह आरोप एएमयू डोनर कैटेगरी के मतदाता जेडआर शेरवानी, गुलाम आरिफ बारसी, शहजाद अल्वी एवं शराफत अल्वी ने लगाते हुए थाना सिविल लाइन में इससे संबंधित मामला दर्ज कराया है।
शुक्रवार को सपा अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष शहजाद अल्वी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल एसएसपी से मिला और एएमयू डोनर कैटेगरी से 10 कोर्ट सदस्यों का होने वाले चुनाव में चहेतों को जिताने के लिए व्यापक स्तर पर धांधली का आरोप लगाया है। मतदाताओं का कहना है कि एएमयू कोर्ट मेंबर का चुनाव 9 अक्टूबर को होना है। वे लोग इसके मतदाता है।
चुनाव अधिकारी प्रो. जमशेद सिद्दीकी (ये एएमयू के डीएसडब्लू भी है) द्वारा मतपत्रों को मतदाताओं के पास डाक से भेजने की व्यवस्था की गई है। जब वे लोग मतपत्र के लिए चुनाव अधिकारी प्रो. सिद्दीकी से संपर्क किया तो उनका कहना था कि मतपत्र स्पीड पोस्ट से भेज दिया गया है और सूची नेट पर डाल दी गई है।
जब डाक विभाग से संपर्क किया तो मतपत्रों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। डोनर कैटेगरी के मतदाताओं ने आरोप लगाया है कि चुनाव अधिकारी डाक विभाग से मिलकर उन लोगों के मतपत्र गायब कर दिए है। उनके साथ अन्य सैकड़ों लोगों के मतपत्र भी गायब है।
मतपत्र के अभाव में सभी लोग मतदान से वंचित रह जाएंगे। चुनाव अधिकारी पर यह भी आरोप है कि वह निष्पक्ष चुनाव कराना नहीं चाहते। शहजाद अल्वी ने बताया कि एसएसपी के निर्देश के बाद थाना सिविल लाइन में मामला दर्ज कर लिया गया है। इस संबंध में कोशिश के बावजूद चुनाव अधिकारी प्रो. जमशेद सिद्दीकी से बात नहीं हो सकी। प्रतिनिधि मंडल में ठाकुर गजेंद्र सिंह, गुलाम आरिफ बारसी, शराफत अल्वी, ताहिर नूर, नदीम अंसारी, साबिर अल्वी, नूर अब्बासी आदि शामिल थे।