आशा सम्मेलन में विधायक मुक्ता राजा को विशिष्ट अतिथि बनाया गया था। मुक्ता राजा ने कहा कि सीएमओ आशा सम्मेलन में मुझे विशिष्ट अतिथि बनाकर अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के संबंध में जनता और शासन के बीच खुद को निर्दोष बताने की निष्फल कोशिश की है।
23 अगस्त को फिर अलीगढ़ सीएमओ और शहर विधायक के बीच चली आ रही तनातनी सामने आ गई। सीएमओ ने आशा सम्मेलन में शहर विधायक मुक्ता राजा को विशिष्ट अतिथि बनाते हुए निमंत्रण पत्र उनके पास भेजा। विधायक ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उनसे बिना पूछे उन्हें अतिथि क्यों बनाया। सीएमओ पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं लिहाजा उनके द्वारा आयोजित किसी भी कार्यक्रम में वह नहीं जाएंगी।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कृष्णांजलि नाट्यशाला मंच पर 23 अगस्त को जनपद स्तरीय आशा सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में विधायक मुक्ता राजा को विशिष्ट अतिथि बनाया गया था। मुक्ता राजा ने इसका पुरजोर विरोध किया। उन्होंने कहा कि सीएमओ आशा सम्मेलन में मुझे विशिष्ट अतिथि बनाकर अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के संबंध में जनता और शासन के बीच खुद को निर्दोष बताने की निष्फल कोशिश की है। यह विधायक का अपमान है। भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा। विधायक के विरोध के बाद सीएमओ ने कमिश्नर को विशिष्ट अतिथि बना दिया। शनिवार को आयोजित कार्यक्रम के बैनर में कई जगह विशिष्ट अतिथि में विधायक का नाम रहा लेकिन वह नहीं पहुंची।
इन विधायकों ने खोल रखा है सीएमओ के खिलाफ मोर्चा
सीएमओ डॉ. नीरज त्यागी के खिलाफ शहर विधायक मुक्ता राजा के साथ ही कोल विधायक अनिल पाराशर, बरौली के जयवीर सिंह, छर्रा से रवींद्र पाल सिंह, इगलास से राजकुमार सहयोगी, खैर से सुरेंद्र दिलेर और एमएलसी ऋषिपाल सिंह ने मोर्चा खोल रखा है। शासन तक सीएमओ की शिकायतें की जा चुकी हैं। शहर विधायक मुक्ता राजा 13 अगस्त को सीएमओ की शिकायत लेकर मुख्यमंत्री से मिली थीं।