विशेष भूमि अध्यापित अधिकारी (एसएलएओ) और डिप्टी कलक्टर अनिल कुमार त्रिपाठी को नुमाइश के कोहिनूर मंच पर बुधवार रात हुई बदशाह नाइट जिंदगी भर याद रहेगी। वह परिवार के साथ नाइट देखने गए थे लेकिन उनके पास एक वीआईपी पास था। वीआईपी गेट से वह अंदर चले गए लेकिन पुलिस ने उनके परिजनों को बाहर ही रोक दिया। ये देख कर वह मुड़ कर वापस बाहर आ गए। उन्होंने वहां ड्यूटी दे रहे एसओ गांधीपार्क अमित यादव से कहा कि मैं एसएलएओ हूं। ये मेरे परिजन हैं..! इन्हें अंदर आने दीजिए।
इस पर एसओ ने कहा कि एक पास पर एक दर्शक की इंट्री होगी ये नुमाइश प्रशासन का नियम है। नियम की इसी बात पर एसएलएओ और एसओ के बीच कहासुनी शुरू हो गई। एक तरफ डिप्टी कलक्टर और एक तरफ एसओ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कहासुनी के बीच गालीगलौज भी हुई और खींचतान में एक दूसरे दरोगा ने एसएलएओ के साथ अभद्रता करते हुए मारपीट कर दी। एसएलएओ ने मीडिया के कैमरों के सामने ये बात कही है कि उनके साथ मारपीट की गई है।
गुस्साए एसएलएओ ने सिटी मजिस्ट्रेट हिमांशु गौतम को बुलाया लेकिन एसओ पर कोई असर नहीं हुआ। बात एडीएम सिटी तक पहुंची तो वह भी आए और एसओ को समझाने का प्रयास किया। लेकिन बात बिगड़ गई।
एसओ को वीआईपी गेट की ड्यूटी से दूसरी जगह भेजा गया तो वह तमतमा कर वहां से बाहर निकल गए। इस घटना की खबर पूरे प्रशासनिक हलके में आग की तरह फैल गई और वहां अफसरों का मजमा लग गया। पूरा मामला जिलाधिकारी को बताया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को इसकी खबर दी गई। ये प्रकरण अभी शांत नहीं हुआ है। प्रशासनिक अफसरों और पुलिस के बीच सार्वजनिक भिड़ंत की नुमाइश में ये पहली और बड़ी घटना है।