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अलीगढ़ : जिला अस्पताल के स्टाफ और भाजपाइयों में हुई मारपीट

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मारपीट के बाद सीएमएस कार्यालय पर पुलिस से कार्रवाई की मांग करते डॉक्टर। - फोटो : CITY OFFICE
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मलखान सिंह जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार दोपहर मास्क के लिए टोकने पर अस्पताल के स्टाफ और भाजपाइयों में मारपीट हो गई। खबर पर पहुंची पुलिस के साथ भी अभद्रता की गई। इसके बाद दोनों पक्ष थाने पहुंच गए, जहां दोपहर 12 बजे से लेकर शाम छह बजे तक हंगामा चलता रहा। फिलहाल, दोनों पक्षों ने तहरीर दी है। भाजपाइयों ने आंख के ऑपरेशन के लिए सुविधा शुल्क मांगने को लेकर तहरीर दी है, जबकि अस्पताल के स्टाफ की तरफ से मारपीट, पथराव, हंगामा व सरकारी कार्य में बाधा डालने की तहरीर दी गई है। अस्पताल स्टाफ की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। इधर, सोशल मीडिया पर मारपीट का वीडियो वायरल हो रहा है।
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प्रकरण के अनुसार, भाजपा के महावीर गंज मंडल के संपर्क प्रभारी विशाल गुप्ता पुत्र प्रमोद गुप्ता अपनी नानी को लेकर जिला अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन के लिए पहुंचे। नेत्र रोग विशेषज्ञ से नानी की आंखों की जांच कराई। इसी दौरान मास्क को लेकर टोकने पर स्टाफ और विशाल गुप्ता में नोकझोंक हो गई। नोकझोंक मारपीट में बदल गई। इसके बाद दोनों पक्षों के लोग जुट गए। एक दूसरे से मारपीट शुरू कर दी, इसी बीच ईंट-पत्थर भी फेंके गए। खबर पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को शांत करने में जुट गई तो पुलिस कर्मियों से भी हाथापाई हो गई।
किसी तरह विवाद शांत हुआ, मगर स्टाफ ने हड़ताल पर जाने का एलान कर दिया। सीएमएस डॉ. ईश्वर देवी बत्रा ने स्टाफ को समझाया कि हड़ताल किए बगैर सूझबूझ तरीके से मामले को निपटाएंगे। इसके बाद दोनों पक्ष बन्नादेवी थाने पहुंच गए। विशाल गुप्ता ने आरोप लगाया कि नानी की आंखों के ऑपरेशन के लिए पांच हजार रुपये सुविधा शुल्क मांगा गया। विरोध करने पर विवाद हुआ है। जबकि अस्पताल स्टाफ के मुताबिक मास्क को लेकर टोकने पर विवाद हुआ। अस्पताल की तरफ से पहुंचे स्टाफ ने मारपीट, पथराव, हंगामा और सरकारी कार्य में बाधा डालने को लेकर तहरीर दी। शाम छह बजे तक दोनों पक्ष बन्नादेवी थाने में अड़े रहे। आपस में नोकझोंक होती रही। रात नौ बजे के बाद दोनों पक्षों से समझौते का प्रयास किया जाने लगा।
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सीएमएस डॉ. ईश्वर देवी बत्रा ने बताया कि दोपहर में वह अपने दफ्तर में दैनिक कार्यों का निस्तारण कर रही थीं। शोर सुना तो बाहर आईं और मामले की जानकारी हुई। उन्होंने कहा कि एक तरफ हम सभी मिलकर लोगों की भलाई और उनके स्वास्थ्य के लिए काम कर रहे हैं। उसी स्टाफ के साथ अगर कोई मारपीट करेगा तो उनका मनोबल गिर जाएगा। इसीलिए आरोपी को माफी नहीं दे सकते हैं। फिर भी अगर समझौते का प्रयास किया जा रहा है तो समझौता कर सकते हैं। लेकिन समझौता ऐसा होना चाहिए, जिससे आरोपी को सबक मिले।
देररात इंस्पेक्टर बन्नादेवी के अनुसार, इस मामले में जिला अस्पताल के पक्ष की तरफ से मिली तहरीर के आधार पर सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दूसरे पक्ष से भी तहरीर दी गई है। सीसीटीवी जांच के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।
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