उपर कोट कोतवाली पर एनआरसी व सीएए के विरोध में प्रदर्शन करती महिलाएं।
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नागरिकता संशोधन कानून व सीएए के विरोध में ऊपरकोट पर कोतवाली के सामने चल रहे महिलाओं के धरने में शाम को उस समय अफरा-तफरी व गुस्से का माहौल बन गया, जब शहर मुफ्ती की अपील पर जाती महिलाओं पर फायर टैंडर से पानी छोड़ दिया गया। जाती हुई महिलाएं वापस धरने पर आकर बैठ गईं और नारा लगाने लगीं कि चाहे डंडे मारो या गोली...बंद नहीं होगी हमारी बोली। इस दौरान पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों से नोकझोंक हुई और कोतवाली के मोड़ पर गाड़ी आगे पीछे करने को लेकर भी नोकझोंक हुई।
मगर महिलाएं बिना किसी खौफ के वहीं जमकर बैठ गईं। हारकर प्रशासन की ओर से यह चेतावनी जारी की गई कि रात 12 बजे तक अगर रास्ता खाली नहीं किया तो परिणाम अच्छे नहीं होंगे। इस पर महिलाओं ने घरों से बच्चों को बुलाकर उन्हें अपने आगे बैठा लिया है। इस कदम के बाद प्रशासन इस सोच में पड़ गया है कि अब क्या करें? देर रात समाचार लिखे जाने तक धरना जारी था। पूरा ऊपरकोट सीएए विरोधी पोस्टरों व तिरंगे झंडों से पाट दिया गया था।
हुआ यूं कि दिन भर के पुलिस प्रशासनिक प्रयास के बाद जब महिलाएं ऊपरकोट से हटने को तैयार नहीं हुईं तो शाम 6 बजे मगरिब की नमाज के बाद शहर मुफ्ती मो.खालिद हमीद को लाया गया। उन्हाेंने जामा मस्जिद से ऐलान किया कि आपकी मांग मान ली गई है। शाहजमाल के धरना स्थल पर टेंट आदि का इंतजाम करा दिया गया है। आप उसी धरनास्थल पर जाकर धरने में बैठ जाएं। इस अपील के बाद आधी से ज्यादा महिलाएं वहां से उठकर चल दीं। हालांकि यहां दो मत दिखाई दिए। दो सौ से ज्यादा महिलाएं वहीं बैठी रहीं और हटने को तैयार नहीं हुईं। उन्हें हटाने के लिए एक फायर टैंडर से कुछ पानी सड़क पर फेंक दिया गया। मकसद था कि सड़क गीली होने से शायद महिलाएं हट जाएं। मगर इसका उल्टा असर हो गया, जो महिलाएं वहां से जा रही थीं। उनमें भी गुस्सा पनप गया और भगदड़ के साथ वह भी वापस आकर बैठ गईं।
इस दौरान कोतवाली मोड़ पर खड़ी गाड़ी हटाने को लेकर एएमयू छात्राओं से नोकझोंक तक हो गई। बाद में एसपी यातायात अजीजुल हक ने उन्हें समझाने की कोशिश की तो यह कहते हुए नारेबाजी शुरू कर दी कि वह नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि पीएम, सीएम से इस्तीफा और कानून हटाने का आदेश लेकर आओ, तभी हटेंगे। इस सबके बाद पुलिस प्रशासन की ओर से यह ऐलान किया गया कि आप लोगों पर रात 12 बजे तक मौका है। अगर नहीं हटे तो हम लोग हटवा देंगे। यह सुनने के कुछ देर बाद ही कानाफूसी शुरू हुई और तमाम बच्चे वहां अचानक आ गए, जिन्हें महिलाओं ने अपने आगे बैठा लिया। कुल मिलाकर महिलाओं का मकसद था कि बच्चों पर किसी तरह की कार्रवाई पुलिस नहीं करेगी। एडीएम सिटी राकेश मालपानी के अनुसार हर स्थिति पर हम लोग नजर रखे हुए हैं। किसी को कानून नहीं तोड़ने दिया जाएगा।