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फीवर क्लीनिक में कराएं बुखार का उपचार, दवा के लिए भी अलग काउंटर

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महिला अस्पताल तैयारियों का जायजा लेतीं एडी हैल्थ डा. गीता प्रधान। - फोटो : CITY OFFICE
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पं. दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय, मलखान सिंह जिला अस्पताल एवं जिला महिला अस्पताल में बुखार से पीड़ित मरीजों को देखने के लिए अलग से फीवर क्लीनिक बनाया गया है। बुखार वाले मरीजों को दवाएं भी अलग से दी जाएंगी, ताकि उन्हें भीड़ में जाने से रोका जा सके । एडी हेल्थ डॉ. गीता प्रधान ने तीनों प्रमुख अस्पतालों का निरीक्षण कर जायजा लिया और आवश्यक सुधार संबंधी दिशा-निर्देश दिए।
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बदलते मौसम में बुखार एवं खांसी के मरीजों की भरमार है। दिक्कत यह है कि पूरी दुनिया इस समय कोरोना वायरस की चपेट में है। कोरोना वायरस एवं बुखार-खांसी के कई लक्षण मिलते-जुलते हैं। ऐसे में यह भी खतरा है कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज खांसी-बुखार वाले मरीजों की भीड़ में पहुंच गया तो कई लोग खतरनाक वायरस की चपेट में आ सकते हैं। इसे रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा खांसी-बुखार से पीड़ित मरीजों के लिए अलग से इंतजाम किया जा रहा है। बुधवार को एडी हेल्थ एवं सीएमओ डॉ. गीता प्रधान ने पं. दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय, मलखान सिंह जिला अस्पताल एवं महिला अस्पताल का निरीक्षण किया तथा वहां बुखार से पीड़ित मरीजों को अलग ओपीडी (फीवर क्लीनिक) बनवाने के निर्देश दिए।
एडी हेल्थ डॉ. गीता प्रधान ने बताया कि दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय में एमआरआई कक्ष तथा मलखान सिंह जिला अस्पताल में बर्न वार्ड में फीवर क्लीनिक बनाया गया है। महिला अस्पताल में भी फीवर क्लीनिक के लिए अलग जगह देने के साथ ही चिकित्सक भी तैनात कर दी गई हैं।
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सेनेटाइजर लगाकर ओपीडी में जा रहे मरीज
अलीगढ़। पंडित दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय एवं मलखान सिंह जिला अस्पताल के ओपीडी में पहुंचने वाले मरीज हाथ में सेनेटाइजर लगाकर अंदर जा रहे हैं। कोरोना वायरस से बचाव के लिए यह इंतजाम किया गया है। अस्पताल कर्मियों को मास्क भी दिए गए हैं। जमीन पर फिनाइल के बदले ब्लीचिंग से पोंछा लगाया जा रहा है। हैंडल एवं सीढ़ियों की रेलिंग पर भी ब्लीचिंग लगाया जा रहा है।
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